गोवंश आश्रय स्थल की जमीनी हकीकत जानना हो तो चले आएं शाहगंज, अधिकारी भी अंजान

विवेकानंद मिश्रा (संवाददाता)

शाहगंज । योगी सरकार भले ही तमाम घोषणाएं गौशालाओं के लिए करें, परंतु जमीनी हकीकत कुछ और ही है। स्थानीय बाजार शाहगंज में आए दिन छुट्टा पशुओं के घूमने से इनके सुरक्षा व्यवस्था चारे की व्यवस्था आदि से संबंधित सभी समस्याएं जस की तस है । लोगों ने यह मान लिया कि गौशालाओं में पूरी तरीके से छुट्टा पशुओं की देखभाल होगी । परंतु यहां तो छुट्टा पशुओं की शामत आ गई है । आए दिन इनके इधर-उधर बाजारों में घूमने से दुर्घटना का भय तो बना ही रहता है, साथ ही सर्द के मौसम में इन्हें ठंड की भी मार झेलनी पड़ रही है ।

अभी हाल ही में सीएम योगी के दौरे के वक्त रावर्ट्सगंज गोवंश आश्रय स्थल में संभावित निरीक्षण को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष से लेकर ईओ तक सजाने-संवारने में जुटे हुए थे । यहां तक कि गोवंश में गायों को ठंड न लगे इसे लेकर ब्लोवर तक लगाया गया ताकि सीएम योगी को सब कुछ चकाचक दिखे । मगर हकीकत कोसो दूर है । कहीं कहीं गौशालाओं में जूट की जैकेट और बैठने हेतु पुआल की व्यवस्था को अमलीजामा पहनाया रहा है तो वही शाहगंज स्थानीय बाजार में स्थित गोवंश आश्रय स्थल में व्यवस्था किसी से छिपी नहीं, बल्कि यह स्थान लोगों के बैठने का अड्डा बन चुका है । ग्रामीणों ने इस ओर जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया है।

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