किसानों व मजदूरों के लिये लाए गए कानून को लेकर ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने किया विरोध,सौपा ज्ञापन

रमेश यादव ( संवाददाता )

दुद्धी।गुरुवार को देश के सभी प्रमुख केंद्रीय श्रमिक महासंघ और अखिल भारतीय किसान मजदूर संघ की तरफ से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित विरोध दिवस के अवसर पर दुद्धी तहसील मुख्यालय पर ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट और उससे जुड़े संगठनों द्वारा मजदूर किसान मंच आदिवासी बनवासी महासभा के द्वारा भारत सरकार द्वारा किसानों व मजदूरों के लिए लाई गई कानून का विरोध किया गया ।विरोध प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के लोगों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया है।ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के कृपाशंकर पनिका ने 9 सूत्रीय मांग पत्र तहसीलदार दुद्धी दिनेश चंद्र को सौंपा ।महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन में उन्होंने मांग किया कि केंद्र सरकार द्वारा किसान विरोधी 3 कानून पहला कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य अधिनियम 2020 तथा दूसरा कृषक कीमत आश्वासन एवं तीसरा कृषि सेवा पर करार अधिनियम 2020 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 2020 को तत्काल वापस लिया जाए तथा केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों को समाप्त कर मजदूर विरोधी लाई गई 4 श्रमिक संस्थाएं तत्काल वापस ली जाए ।बिजली ,कोयला समेत सार्वजनिक क्षेत्र के निजी करण के फैसले वापस लिए जाएं। वनाधिकार कानून को सख्ती से लागू किया जाए तथा आदिवासियों दलितों एवं महिलाओं की सहकारी समिति को वन भूमि पर फलदार वृक्ष लगाने और अपनी आजीविका चलाने का अधिकार दिया जाए ।मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों की बकाया मजदूरी तत्काल भुगतान किया जाए ।उत्तर प्रदेश सरकार की अधिसूचना 2005 के अनुरूप कोल आदिवासी जाति को वन अधिकार कानून में पुश्तैनी वन भूमि पर जमा दावो में जनजाति को मिल रही तीन पीढ़ी के कब्जा प्रमाण ना देने की सुविधा का लाभ प्रदान किया जाए ।इसके अलावा 3 गांव का क्लस्टर बनाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्मित किया जाए और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी प्रकार की जांच समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की गारंटी दी जाए तथा सोनभद्र में आदिवासी लड़कियों के लिए महाविद्यालय का निर्माण किया जाए और बभनी में बने हुए महाविद्यालय को अविलंब चालू किया जाए। वहीं भाजपा राज्यसभा सांसद रामसकल के दबाव में ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के जिला संयोजक कांता कोल समेत परसावनाथ घोरावल के ग्रामीणों पर लादे गए शांति भंग के मुकदमे तथा बेदखली की नोटिस को तत्काल निरस्त किया जाए ।
इस दौरान राजेंद्र प्रसाद गौड़,विदवन्त कुमार, महादेव, रामदेव, राम लखन,रामफल, महावीर,रामविचार, राजा राम,जय राम,उदित सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।

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