कांग्रेस में गुटबाजी व बयानबाजी तेज, गुलाम नबी के बयान पर अधीर रंजन ने किया पलटवार

कांग्रेस को एक तरफ जहां चुनावों में लगातार एक के बाद एक करारी शिकस्त खानी पड़ रही है तो वहीं पार्टी के बड़े नेताओं की कलहबाजी भी अब खुलकर लोगों के बीच आ गई है । एक दिन पहले पार्टी के सीनियर नेता गुलाब नबी आजाद ने कांग्रेस पार्टी में 5 स्टार कल्चर की बात कहकर उन विवादों को एक बार फिर से तूल दिया, जो कपिल सिब्बल और पी. चिदंबरम के कहने से पैदा हुआ था ।

इसके बाद पार्टी के बचाव में उतरे पार्टी के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने गुलाम नबी आजाद के बयान पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए उन पर पलटवार किया। अधीर रंजन ने कहा कि जो लोग 5 स्टार कल्चर की बात कर रहे हैं वो खुद आज से पहले तक उसी कल्चर में मजा ले रहे थे ।

उन्होंने गुलाम नबी आजाद पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि वे अवसरवाद की राजनीति कर रहे हैं। अधीर रंजन चौधरी ने आगे कहा कि लाल सिंह को हटा के इनको टिकट दिया गया था और आज राहुल गांधी पर सवाल खड़े कर रहे।

“जंग छेड़ना हो तो छेड़ दे जंग लेकिन राहुल गांधी के खिलाफ पार्टी में कोई दरार नहीं है, राहुल गांधी के पास कोई जादू की कड़ी नही, जो करना है वो आपलोग क्यों नहीं कर रहे । “

आजाद के बयान पर अधीर रंजन चौधरी ने कहा

गुलाम नबी आजाद ने रविवार को बिना नाम लिए पार्टी आलाकमान पर निशाना साधा था । उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस सबसे निचले स्तर पर है । पार्टी के बड़े नेताओं का कार्यकर्ता से संपर्क टूट गया है । फाइव स्टार होटलों में बैठकर चुनाव नहीं लड़ सकते।

“जो लोग वहां होते हैं उनका कनेक्ट लोगों के साथ टूट गया है।ब्लॉक के लोगों के साथ, जिलों के लोगों के साथ कनेक्ट टूट गया है।समस्या ये है कि जब हमारी पार्टी में कोई पदाधिकारी बनता है तो वो लेटर पैड तो छाप देता है और विजटिंग कार्ट बना देता है. वो समझता है कि मेरा काम बस खत्म हो गया । काम तो उस वक्त से शुरू होना चाहिए ।”

– गुलाम नबी आजाद ने कहा

इतना ही नहीं गुलाम नबी आजाद ने एक शेर भी पढ़ा। उन्होंने कहा, “पार्टी से इश्क होना चाहिए । ये इश्क नहीं आसान बस इतना समझ ली जे, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है । लोग समझते हैं कि लड़कियों से प्रेम करना ही इश्क है । भगवान से इश्क, अपने पीर पैगंबर से भी इश्क, अपने धर्म से भी प्यार होता है।” बता दें कि अगले महीने संभावित तौर पर कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव होना है ।पहले भी अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर विवाद हो चुका है । नेताओं ने चिट्ठी लिखी थी उस पर भी विवाद हो गया था ।

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