छठव्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ देकर सुख समृद्धि की किया कामना

संजय केसरी (संवाददाता)

गुरमुरा में भी छठ घाट पर बड़े ही हर्सोल्लास से मनाया जा रहा हैं महापर्व छठ पूजा

डाला। सूर्योपासना के महापर्व छठ पर्व पर शुक्रवार को छठव्रती महिलाओं ने आस्था के साथ नदियों, सरोवरों के घाटों पर अपने परिवार जनों पहुंच कर स्नान के बाद छठव्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ देकर सुख समृद्धि की कामना किया।

सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए डाला चौकी प्रभारी एस के सोनकर ने अपने दल बल के साथ छठ घाटों को देखरेख में लगे रहे वही जानकारी के अनुसार स्थित बाड़ी सोन नदी सेक्टर बी छठ घाट,छठ घाट मलिन बस्ती कूरदहवा, छठ घाट कोटा कनहर इत्यादि जगहों पर भगवान भास्कर को भर्ती महिलाओं ने अर्ध दिया आस्था के पर्व पर कई महिलाओं ने घर से दंडवत प्रणाम करते हुए छठ घाट पर ढोल नगाड़े के साथ पहुंचकर अस्ताचलगामी अर्घ दिया।

वही ग्राम पंचायत कोटा के टोला गुरमुरा में भी छठ पूजा सेवा समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल के नेतृत्व में भी हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दिव्य व्यवस्था किया गया और जहां दूर दराज से आए छठव्रती महिलाओं के सुपला में समिति के तरफ से फल वितरण किया गया। लोग दूर दराज से सर पर दउरा व सुपला लेकर छठ घाट तक पहुचे।

आपको बतादूँ कि यह महापर्व छठ पूजा चार दिनों तक चलता है छठ महापर्वसंतान और पति के लिए होता है व्रतछठ में महिलाएं लगाती हैं लंबा सिंदूर छठ व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है. महिलाएं अपने सुहाग और संतान की मंगल कामना के लिए 36 घंटों का निर्जला व्रत रखती हैं. छठ पूजा का प्रारंभ चतुर्थी तिथि को नहाय खाय से होता है और सप्तमी के दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद समाप्त होता है.

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