डूबते सूर्य को अर्ध्य देकर छठ पूजा की शुरुआत

मनोज बर्मा (संवाददाता)

पिपरी— बिहार एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश में महिलाये छठ पूजा का अपनी संतान की रक्षा और सुखी जीवन के लिए रखती हैं। साथ ही पूरे परिवार की सुख शांति की कामना के लिए भी यह व्रत किया जाता है। मान्यता है कि खरना की पूजा करने के बाद घर में देवी षष्ठी का आगमन होता है। फिर तीसरे और चौथे दिन इस पर्व का सबसे अहम होता है।
पिपरी स्थित रिहन्द डैम,डोमिया नाला,रेणुकूट एवं पिपरी नगर पंचायतो द्धारा विभिन्न स्थानो,सब्जी मंडी,महामाया मंदिर, गुरुद्धारा,अवधूत भगवान आश्रम,हनुमानमंदिर के पास तैयार कराये गये छठ घाटो पर बाजे गाजे व ढोल नगाड़े के साथ महिलाएं व पुरूष छठ पूजा की सुप लेकर पानी मे उतरकर पूजा करती है और संध्या के समय सूर्य देव को अर्घ्य दिये गए साथ ही इनकी विधिवत पूजा भी की गई।

इस दौरान सूर्यदेव अपनी पत्नी प्रत्यूषा के साथ होते हैं। ऐसे में प्रत्यूषा को अर्घ्य देने का लाभ भी इस दौरान मिलता है। इस दिन शाम के समय बांस की टोकरी में ठेकुआ, चावल के लड्डू और कुछ फल रखे जाते हैं। इसे सजाने के बाद सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। ऐसे ही छठी मैय्या की पूजा की जाती है। फिर व्रत कथा सुनी जाती है और छठी मैय्या के गीत गाए जाते हैं। व्रती महिलाओ की सुविधा के लिये विभिन्न समाजसेवी संगठनो के द्धारा विद्युत सजावट,टेन्ट आदि की तैयारी की है ।नगर पंचायत चेयरमैन दिग्विजय प्रताप सिंह एवं निशा सिंह नेलोगो से मास्क लगाने एवं सोशल डिस्टेंस का पालन करने की अपील की है ।इस अवसर पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन थाना प्रभारी अविनाश चन्द्र सिन्हा के नेतृत्व में चक्रमण करता रहा ।इस मौके पर सभासद गण अजीत गुप्ता,जितेन्द्र,पुनीत सिंह,सुरेश चौरासिया,अशोक रवानी,सुजीत,छविशाह,प्रदीप सिंह,अफताब आदि व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगे रहे ।

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