किसान नेता व पुलिस कर्मियों में नोक झोंक

फ़ैयाज़ खान मिस्बाही(ब्यूरो)

ग़ाज़ीपुर। बिजली बिल में बढ़ोत्तरी वापस करने, क्रयकेंद्रों पर समर्थन मूल्य के साथ धान की खरीदारी के अलावा अन्य मांगों को लेकर जिला किसान संघर्ष समन्वय समिति के सदस्यों ने रोडवेज के पास गुरुवार को रास्ता जाम किया। इस दौरान किसान नेता व पुलिस कर्मियों में नोकझोंक हुई। एक घंटे बाद पहुंचे नायब तहसीलदार आशीष सिंह को किसानों ने पत्रक सौंपा। उनके आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ।
प्रदेश महामंत्री व पूर्व विधायक राजेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार खेती किसानी को बर्बाद करने पर तुली है। देश का कृषक समुदाय आक्रोशित एवं आहत है। इसके विरोध में संघर्ष तेज किया जाएगा। किसान महासभा के केंद्रीय नेता ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि मोदी सरकार केवल कारपोरेट, जमाखोरों, मुनाफाखोरों के हित के लिए समर्पित है। यह सरकार किसान, मजदूर विरोधी साबित हो रही है। ऐसी दशा में आंदोलन तेज करना होगा। प्रदेश महामंत्री रमेश यादव ने कहा कि मोदी सरकार कृषि विधेयक को लाकर किसानों व किसानी को समाप्त कर पूंजीपतियों को स्थापित करना चाहती है। वह उद्योगपतियों एवं पूंजीपतियों की कठपुतली बन कर रह गई है। भाकपा के जिला सचिव अमेरिका सिंह यादव ने कहा कि देश में केवल नफरत फैलाई जा रही है। बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, की दशा खराब है। इस पर सरकार चुप है। प्रदेश व देश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है। किसान संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष गोपाल स्वरूप पांडेय ने कहा कि केन्द्र सरकार का कृषि विधेयक संघीय ढांचे पर सबसे बड़ा प्रहार है। किसान सभा के जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह, रामअवध, रमेश चंद्र पाल, राजदेव यादव, डा. रामबदन सिंह, ईश्वर लाल, रमेश कुमार यादव, रामप्यारे राम, योगेंद्र भारती, प्रमोद कुशवाहा, जितेंद्र यादव, दीना सिंह, अशोक मिश्रा, भूप नारायण, अंगद यादव आदि थे। अध्यक्षता किसान सभा के जिलाध्यक्ष जनार्दन राम व संचालन किसान संघर्ष समिति के जिला सचिव मनोज कुमार यादव ने किया।

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