मादक पदार्थों की खुलेआम बिक्री से युवा पीढ़ी हुई प्रभावित

अरविंद चौबे (संवाददाता)

फाइल फोटो

मारकुंडी । चोपन थाना क्षेत्र के जहां-तहां बिखरी पड़ी युवा पीढ़ी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है चोपन, कुरूहुल, सलखन, करगरा मोड़ जाने वाले मार्ग पर गाजा बेचा जा रहा है। कि समाज में नशे के प्रचलन में जहां बढ़ौतरी हुई है, वहीं नशे की लत ने समाज की नौजवान पीढ़ी को भी बुरी तरह से जकड़ लिया है। शादी हो या अन्य कोई समारोह, गाजा, हीरोइन, शराब के बिना अधूरे ही समझे जाते हैं। नौजवानों में नशे के बढ़ते हुए प्रचलन को चिंतनीय विषय करार देते हुए बुद्धिजीवी वर्ग, समाज में अपना अहम रुतबा रखने वाले लोगों तथा समाज के इस बिगड़ते हुए परिवेश पर विश्लेषणात्मक चिंतन करते हुए इसे चिंतनीय विषय करार देते हुए कहा कि नशेखोरी के इस बढ़ रहे प्रचलन से युवा पीढ़ी बर्बादी की ओर बढ़ रही है।

लोगोंका कहना था कि एक वह समय था जब लोगों का जीवन सादा होता था और गाजा, हीरोइन से कोसों दूर होते हुए लंबी उम्र का आनंद लेते थे, और एक समय आज यह आ गया है जब अधिकांश लोग गाजा के साथ-साथ देह को जड़वत कर देने वाले विभिन्न प्रकार के नशों को ज्यादा अधिमान देने लगे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे लोग घरेलू एवं सामाजिक हिंसा जैसे कारनामों को अंजाम देकर समाज को बदनामी के मुकाम पर ले जाने से भी पीछे नहीं रहते। न जाने कितने ही घर इस नशे ने उजाड़ डाले हैं। उठाने होंगे कड़े कदम लोगों ने बताया कि जिन नशों के नाम तक उन्हें नहीं पता, वे आज के युवा के शौकों में शुमार हैं। शराब के साथ-साथ बच्चों में विभिन्न प्रकार के नशे जैसे गाजा, कोडिंग फल्यूड, भांग, चरस, नशीली दवाइयां ने समाज में अव्यवस्था के आलम को परवान चढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।उन्होंने कहा कि किसी भी बारात या फिर छोटे-मोटे कार्यक्रमों में नवयुवकों को सरेआम झुंडों में गाजा और शराब और कोडिंग पीते देखा जा सकता है।

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