राज्यसभा चुनाव से पहले मायावती को लगा बड़ा झटका, बसपा के 7 विधायक सपा के संपर्क में

2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ पुरानी दुश्मनी भुलाकर एक हुए सपा और बसपा के बीच फिर सियासी रार शुरू होती दिख रही है। राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीएसपी मुखिया को बड़ा झटका देते हुए उनकी पार्टी में सेंध लगा दी है। अखिलेश यादव ने बीएसपी के 7 विधायकों से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि अखिलेश के निर्देश पर ही एमएलसी उदयवीर सिंह ने इस पूरी सियासी कवायद में मध्यस्थता निभाई है।

यूपी की सियासत में एक वक्त ऐसा भी आया था जब एक दूसरे के धुर विरोधी चुनावी समर में एक साथ मिलकर ताल ठोक रहे थे। वक्त बदला और सपा और बसपा का गठबंधन टूट गया। इस गठबंधन को तोड़ने का काम करने वाली मायावती को अखिलेश यादव ने अब सबक सिखाया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलने वाले बीएसपी के विधायकों को आश्वासन मिला है कि समाजवादी पार्टी उन्हें आगामी विधानसभा में टिकट देगी।

गौरतलब है कि, 2017 में बसपा के 19 विधायक जीते थे, जिसमें अनिल सिंह और रामवीर उपाध्याय को पार्टी ने निलंबित कर दिया। मुख्तार अंसारी जेल में हैं और रितेश पाण्डेय सांसद हो गए। इसके बाद बसपा विधायकों की संख्या 15 पर आकर सिमट गई। 15 विधायकों में से बुधवार को 7 विधायकों ने बगावती तेवर दिखाते हुए सपा अध्यक्ष से मुलाकात कर मायावती की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

उधर इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के एमएलसी उदयवीर सिंह ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने प्रकाश बजाज निर्दल प्रत्याशी का सपोर्ट किया है । अगर कुछ दूसरी पार्टी के विधायक भी सपोर्ट करने चाह रहे हैं तो उनका स्वागत है । कुल 6 विधायकों ने सपा अध्यक्ष से मुलाकात की है । बसपा विधायकों के भविष्य पर पूछे गए सवाल पर उदयवीर बोले कि विधायकों की मर्जी पर है कि वह किस पार्टी में जाने का निर्णय लेंगे। समाजवादी पार्टी में हर किसी का स्वागत है ।

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