महाविद्यालयों की अनावश्यक जांच केवल मानसिक प्रताड़ना : मनोज सिंह

फ़ैयाज़ खान मिस्बाही (ब्यूरो)

गाजीपुर । उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन की एक बैठक मंगलवार को बबेड़ी में आयोजित की गई। इसमें गाजीपुर जिले में B.Ed एवं बीटीसी महाविद्यालयों की अनावश्यक जांच पर विरोध जताया गया।एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जिले में B.Ed एवं बीटीसी महाविद्यालयों की जांच के लिए शासन द्वारा जांच समिति गठित की गई है, जिसको महाविद्यालय प्रबंधन के लोग न्यायोचित नहीं मानते हैं। उन्होंने बताया कि यह अनावश्यक जांच केवल मानसिक प्रताड़ना एवं धन उगाही के लिए इस कोरोना संक्रमण काल में आयोजित की गई है, जबकि जांच में चिन्हित संस्थान की मान्यता, अवस्थापना, आधारभूत ढांचा का भौतिक सत्यापन करने के बाद ही उक्त महाविद्यालयों की मान्यता गठित जांच समिति के पदेन सदस्यों द्वारा ही निर्गत की गई है। पुनः इस जांच समिति द्वारा संस्थानों की जांच का औचित्य ही नहीं है। उन्होंने बताया कि बीते 14 अक्टूबर को संगठन ने जिला प्रशासन को इस अनावश्यक जांच पर रोक लगाने के लिए पत्रक सौंपा था। शासन-प्रशासन की उदासीनता और अनदेखी से महाविद्यालय प्रबंधन में रोष है और हम लोग कार्य बहिष्कार को विवश हैं। महाविद्यालय एसोसिएशन ने शासन द्वारा गठित जांच समिति निरस्त करने की मांग उठाई है। यह भी बताया कि पूर्व में बीटीसी संस्थानों का भौतिक सत्यापन एवं स्थलीय निरीक्षण के लिए उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में वाद लंबित है और स्थगन आदेश प्राप्त है। इसलिए इस मामले में त्वरित कार्यवाही को पूर्णतया रोका जाय।

बैठक में संगठन के संरक्षक अशोक सिंह, उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश यादव, पंकज दुबे, अटल सिंह, भुल्लन सिंह, आलोक सिंह, दिनेश सिंह, बहादुर यादव, जवाहर यादव, आमिर अली, रामचंद्र यादव, कन्हैया यादव, जय प्रकाश सिंह, विमल सिंह, अमरनाथ तिवारी, शिव सिंह आदि मौजूद रहे।

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