डॉक्टर की कड़ी मेहनत से बची पत्रकार की जान

रमेश यादव (संवाददाता)

– फिजिशियन और न्यूरो सर्जन हैं वाराणसी निवासी डॉ लक्ष्मी शंकर मिश्रा

– 4 बार सरकारी सेवा से रिजाइन देने के बाद बीएचयू, दिल्ली, इंदौर आदि स्थानों पर दे चुके हैं अपनी सेवाएं

दुद्धी। स्थानीय कस्बे के वरिष्ठ पत्रकार व जामा मस्जिद के सदर 55 वर्षीय मु.शमीम अंसारी का गत सप्ताह वॉलीबाल खेलने के दौरान अचानक तेज पेट दर्द हुआ।डॉ शाह आलम के नेतृत्व में 3 दिन इलाज चलता रहा लेकिन कोई आराम न मिलने पर उनके द्वारा संयुक्त जिला चिकित्सालय भेज सीटी एब्डोमेन कराया गया। जिसमें अपेंडिक्स के फटने व जहर रिसने से तीन जगह आंत भी डैमेज होने की पुष्टि हुई। तत्काल उन्हें लेकर अम्बिकापुर स्थित फिरदौसी मल्टीसीटी हॉस्पिटल ले जाया गया जहां दुबारा अल्ट्रासाउंड व ब्लड जांच के बाद चिकित्सकों ने रिपोर्ट देख हाथ खड़े कर लिए। सीरियस हालात में उन्हें बीएचयू के पूर्व सर्जन डॉ एलएस मिश्रा को रिपोर्ट वाट्सएप कर उनसे उनके बनारस स्थित हॉस्पिटल में अपॉइंटमेंट लेने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने बताया कि मैं डाल्टेनगंज में 5-6 आपेरशन करने आया हूँ। आपके मरीज की हालत गंभीर है, अपेंडिक्स का जहर फैलता जा रहा है ऐसे में ज्यादा यात्रा करना मरीज के हित में नही है।आपलोग दुद्धी स्थित मेट्रो हॉस्पिटल पहुंचे मैं वहीं पहुँच रहा हूँ।गंभीर हालत में शमीम पत्रकार और इधर 2 ही घंटे में चिकित्सक भी दुद्धी पहुंच अपने जूनियर चिकित्सक डॉ विजय कुमार के साथ रात में कम संसाधनों के बीच डेढ़ घंटे का सफल आपेरशन कर पत्रकार की जान बचा ली। अपने पत्रकार साथी की जान बचाने वाले चिकित्सक के इस अथक प्रयास व सेवा भाव की पत्रकारों सहित क्षेत्र के बुद्धजीवी वर्ग व आमजन द्वारा सर्वत्र सराहना की जा रही है।

अखबारनवीसों से बातचीत में डॉ एलएस मिश्रा ने बताया कि मूलतः जौनपुर के रहने वाले बीएचयू से एमबीबीएस, एमडी (मेडिसिन), एमसीएच न्यूरो और एमएस कर फीजिशियन व सर्जन हैं। 4 साल सरकारी सेवा के दौरान 13 स्थान पर ट्रांसफर झेलने के उपरांत त्यागपत्र दिया। बीएचयू में 3 साल, जीटीबी अस्पताल दिल्ली, ईटीवी हॉस्पिटल इंदौर में मेडिकल आफिसर रहा। आदतन दिन-रात मरीजों की सेवा का जुनून, अपनी क्षमताओं के अनुसार चिकित्सकीय कार्य न मिलने व गरीबों की सेवा भाव के कारण सभी स्थानों से त्यागपत्र देता चला गया। मौजूदा समय सप्ताह के 7 दिन में वाराणसी, गढ़वा, डाल्टेनगंज, बैढ़न, दुद्धी आदि 7 जगहों पर मरीजों की सेवा कर रहा हूँ। इसके अलावा कहीं भी कोई जटिल आपेरशन आ जाता है तो उसी वक्त वहां पहुंचने का प्रयास करता हूँ। दुद्धी क्षेत्र की गरीबी यहां के मरीजों से लगाव का कारण बन गया है। यह भी बताया कि सर खोलना, पथरी, बच्चेदानी, हड्डी का कोई आपेरशन, हर्निया, सर्वाइकल, सायनस सहित जला-कटा, टेढ़ा-मेढ़ा अंग सीधा करना, कास्मेटिक सर्जरी इत्यादि किसी भी प्रकार का आपेरशन करता हूँ। हॉस्पिटल संस्थापक मल्देवा गाँव निवासी श्रवण ने बताया कि हॉस्पिटल खोलने का मकसद गरीबों की सेवा करना है। कम पैसे में बेहतर सर्जरी चिकित्सा मुहैय्या कराना ही हमारा मुख्य लक्ष्य व उद्देश्य है। आपेरशन के दौरान नर्स आशा, स्मृति सिंह, प्रीति आदि मौजूद रहे।

अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!