खुद की सरकार में पिछले तीन सालों से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही कराने के लिए जूझ रहे हैं जिला पंचायत अध्यक्ष

आनन्द कुमार चौबे/विनोद धर (संवाददाता)

सोनभद्र । भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश व बेहतर कानून व्यवस्था को लेकर सीएम योगी ने सत्ता संभालते ही काम करना शुरू कर दिया । सीएम योगी ने भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए जीरो टॉलरेंस की बात कही । जिसके बाद उन्होंने ताबड़तोड़ कई बड़ी कार्यवाहियां की । लेकिन योगी सरकार में बैठे कुछ अफसर कैसे भ्रष्टाचार करने के साथ ही भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने में जुटे हुए हैं यह आज आपको जनपद न्यूज Live बताएगा ।

जनपद न्यूज Live आज आपको ऐसे भी भ्रष्टाचार की तस्वीर दिखायेगा जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे । लेकिन उससे बड़ी हैरानी आपको यह जानकर होगी कि जीरो टॉलरेंस की सरकार में भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। जनपद न्यूज Live के खुफिया कैमरे के सामने कुछ अफसर दबी जुबान से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही न होने के पीछे ऊपर का खेल बता रहे हैं ।

दरअसल सन 2016 में जिला पंचायत विभाग में सड़क निर्माण कराए जाने को लेकर जून माह में लाखों का टेंडर निकाला गया था । मगर उसी टेंडर में कुछ काम ऐसे भी थे जिसका MB व भुगतान अप्रैल और मई महीने में ही कर दिया गया था । इस मामले को लेकर तत्कालीन जिला सदस्य अमरेश पटेल ने खुलासा किया तो विभाग में हड़कम्प मच गया । तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा इसकी जांच के लिए एक टीम गठित कर जांच कराई गई । जिसमें जिलाधिकारी ने माना कि इस घोटाले में तत्कालीन जिलापंचायत अध्यक्ष और अपर मुख्य अधिकारी दोषी है । इसी बीच सूबे की सरकार बदलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी भी बदल गयी और सदस्य अमरेश पटेल अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ गए ।

कुर्सी संभालते ही जिला पंचायत अध्यक्ष अमरेश पटेल ने फर्जी MB व भुगतान वाली रिपोर्ट 2017 में ही शासन को भेज दिया।

तब से लेकर आज तक जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा इस भ्रष्टाचार पर कार्यवाही की मांग को लेकर लगातार प्रयास किया का रहा है । मगर खुद की सरकार में वे खुद के उठाये मामले पर कार्यवाही नहीं करा सके ।
अब जिला पंचायत अध्यक्ष को योगी सरकार में बैठे अफसरों से ज्यादा मीडिया व सीएम योगी पर भरोसा है । मीडिया के सामने आते ही जिला पंचायत अध्यक्ष का दर्द छलकने लगा । उनका कहना है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ सीधे मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर मुलाकात भी करेंगे।

कुल मिला कर यह कहा जा सकता है कि सीएम योगी भले ही जीरो टॉलरेंस पर काम कर रहे हों मगर उनके सरकार में बीजेपी के जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे नेता खुद भ्रष्टाचार को लेकर परेशान हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या योगी सरकार में बैठे अफसर अपने तरीक़े से काम कर रहे हैं ।

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