कोरोना को देखते हुए रामलीला कमेटी ने रामलीला कार्यक्रम को किया स्थगित

संजय केसरी (संवाददाता)

-49 वर्षो से होता चला आ रहा है जो इस बार नहीं हो सकेगा रामलीला- हनुमान सिंह

डाला। 49 वर्षो से अनवरत स्थानीय बाजार स्थित रामलीला मैदान में होने वाला रामलीला मंचन व रावण दहन का कार्यक्रम इस बार नहीं हो सकेगा। जिसके पीछे कोरोना महाकाल में सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देश के अनुपालन व बाजार में छाया आर्थिक मंदी का होना कारण बताया जा रहा है।

वैश्विक महामारी के दौर में होने वाला हर त्योहार फिका पड़ गया है। 1971 से डाला बाजार स्थित रामलीला मैदान में शुरू हुआ रामलीला मंचन व रावण दहन का कार्यक्रम विगत 49 वर्षो से होता चला आ रहा है जो इस बार नहीं हो सकेगा। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज समेत मध्य प्रदेश,बिहार व झारखण्ड राज्य के सुप्रसिंद्ध रामलीला के कलाकारो द्वारा रामलीला का मंचन किया जाता रहा है। दशमी से 15 दिन पहले रामलीला मंचन कार्यक्रम शुरू हो जाता था। जिसे देखने के लिए 15 से 20 किमी दूर निवास करने वाले लोग रामलीला देखने बडी़ संख्या में आते रहे हैं। तेलगुड़वा,नवटोलिया,परासपानी,सलईबनवा,गुरमुरा,बारी,पतेरा टोला,कजरहट,रेक्सहवां समेत दर्जनो गांव से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में दर्शक आया करते थे। जिसका लुप्त इस बार लोग नहीं उठा सकेंगें।सरकार द्वारा हाल ही में जारी दिशानिर्देश के अनुसार 2 सौ से अधिक की संख्या न हो। शारिरीक दूरी का पालन हो ऐसे तमाम नियम बनाए गये है। जिसका पालन खुले मैदान में होने वाले कार्यक्रम के दौरान करा पाना संम्भव नहीं हो सकता था। रामलीला मंचन से लेकर रावण दहन तक होने वाले कार्यक्रम में लाखो रूपये खर्च होते हैं। जिसका वहन डाला बाजार के दुकानदार व खनन व्यवसाय से जुड़े लोगो द्वारा किया जाता रहा है। इस बार कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के आर्थिक मंदी के कारण कई दुकानदारो की बोहनी तक नहीं हो पा रहा, वही क्रसर उधोग पत्थर के अभाव में दम तोड़ रहा है। इन सभी पहलुओ को देखते हुए रामलीला कमेटी डाला ने रामलीला मंचन व रावण दहन कार्यक्रम को इस बार स्थगित कर दिया है।

कोरोना जैसी महामारी के दौर से गुजर रहा मौजूदा समय में सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देश का पालन खुले मैदान में करा पाना संभव नहीं है। जिसपर कमेटी द्वारा गहन विचार-विमर्श कर पुरे कार्यक्रम को इस बार स्थगित कर दिया गया है।

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