सेटेलाइट से हो रही पराली जलाने की निगरानी : डीएम

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने जिले के समस्त किसान से अपील किया है कि वे अपने फसलों के अपशिष्ट/पराली को किसी भी हाल मेंं न जलायें। उन्होंने बताया कि पराली न जलाये जाने के लिए अब सेटेलाईट सिस्टम से निगरानी की जा रही है, जो किसान चोरी-छिपे अपनी फसलों के अपशिष्टों को जलायेगा, उसकी रिपोर्टिंग सेटेलाइट सिस्टम से होगी और सम्बन्धित किसान के खिलाफ जुर्माने की कार्यवाही के साथ ही विधिक कार्यवाही भी मा0 उच्चतम न्यायालय के एनजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी। उन्होंने कहा कि किसान अगर अपनी खेत में पराली छोडता भी है, तो उसका देख-भाल करें। अगर उसकी पराली को किसी अवांछनीय द्वारा भी जलाया जायेगा, तो कानूनी कार्यवाही पहले तो सम्बन्धित किसान के खिलाफ भी होगी। उन्होंने कहा कि पराली जलाना अब कानूनी अपराध हो गया है, इसलिए मा0 उच्चतम न्यायालय के एनजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अब कोई भी किसान अपनी पराली नहीं जला पायेगा और जलायेगा तो खामियाजा भुगतेगा।

उन्होंने बताया कि “पराली जलाने पर 2 एकड़ से कम पर 2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ पर 5 हजार रुपये तथा 5 एकड़ से अधिक पर 15 हजार का जुर्माना निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि फसल का अवशेष जलाने पर रासायनिक क्रियाओं से पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचता है। फसल अवशेषों के जलाने से लाभदायक मित्र कीट मर जाते है। जिसके कारण वातावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जिलाधिकारी ने जिले के सभी किसान भाइयों से अनुरोध किया है कि फसल के अवशेष खेतो में न जलाये अन्यथा की स्थिति में पकड़े जाने पर नियमानुसार जुर्माना करने की कार्यवाही सम्पादित कर दी जाएगी, जिसके लिए किसान स्वयं जिम्म्मेदार होंगें।”

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