बिजली कर्मचारियों की हड़ताल ख़त्म, समझौते पर बनी सहमति, निजीकरण का फ़ैसला स्थगित

लखनऊ । पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को निजी हाथ में सौंपने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ बिजलीकर्मियों की घोषित अनिश्चिकालीन कार्य बहिष्कार से पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है । लोग गर्मी के साथ पानी के लिए परेशान हो गए हैं अचानक बिजली कटने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी। जिसे लेकर सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभाला और बिजली कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार को देखते हुए ऊर्जा विभाग की बड़ी बैठक तलब कर ली ।

कई घण्टे चली मैराथन बैठक के बाद शाम को निर्णय लिया गया कि

1- पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के विघटन एवं निजीकरण का प्रस्ताव वापस लिया जाता है । इसके अतिरिक्त किसी अन्य व्यवस्था का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है । उत्तर प्रदेश में विद्युत वितरण निगम की वर्तमान व्यवस्था में ही विद्युत वितरण में सुधार हेतु कर्मचारियों व अभियंताओं को विश्वास में लेकर सार्थक कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों एवं अभियंताओं को विश्वास में लिए बिना उत्तर प्रदेश में किसी भी स्थान पर कोई निजी करण नहीं किया जाएगा ।

2 – संघर्ष समिति के साथ यह भी समिति बनी की उपरोक्त बिंदु के अनुसार उत्तर प्रदेश के विद्युत वितरण निगमों में वर्तमान व्यवस्था में ही विद्युत वितरण में सुधार तथा राजस्व वसूली, बेहतर उपभोक्ता सेवा के लिए मन वचन एवं कर्म के साथ सार्थक प्रयास किए जाएंगे ।

3 – यदि समिति बनी की वितरण के क्षेत्र में भ्रष्टाचार मुक्त करने बिल्डिंग एवं कलेक्शन इफिशिएंसी का लक्ष्य प्राप्त करने तथा उपभोक्ताओं को पूर्ण संतुष्ट करते हुए सार्थक कदम उठाते हुए विद्युत उपकेंद्र को आत्मनिर्भर बनाने के कार्य में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति प्रबंधन का शत-प्रतिशत सहयोग करेगी ।

4 – सुधार की उपरोक्त उपरोक्त अनुसार कार्रवाई की इस वित्तीय वर्ष में 15 जनवरी 2021 तक ऊर्जा मंत्री, प्रबंधन एवं विद्युत कर्मचारी संघ संघर्ष समिति द्वारा मासिक समीक्षा की जाएगी ।

5 – बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वर्तमान आंदोलन के कारण किसी भी संविदा कर्मी विद्युत कर्मचारी एवं अभियंता के विरुद्ध किसी प्रकार की उत्पीड़न की कार्रवाई नहीं की जाएगी ।आंदोलन के दौरान जिन स्थानों पर विद्युत कर्मचारियों संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों, अभियंताओं अथवा समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों के विरुद्ध विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज को बिना शर्त वापस लिया जाएगा ।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसको लेकर अपने कार्यालय में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव ऊर्जा अरविंद कुमार और वित्त विभाग के अधिकारियों को तलब किया है।

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