खेतों में पराली व फसलों के अवशेष को ना जलाएं- जिलाधिकारी

राजेश गुप्ता (जिला संवाददाता)

पीलीभीत। जिलाधिकारी पुलकित खरे ने जनपद के किसानों से अपने खेतों में फसल काटने के बाद खेतों में आग न लगाने तथा पराली न जलाने और इसे मिट्टी में सड़ाने की अपील की है।जिलाधिकारी पीलीभीत पुलकित खरे ने अपील करते हुए फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया है जिसके अंतर्गत फसल अवशेष जलाने से मिट्टी के तापमान में वृद्धि,मिट्टी की उपजाऊ क्षमता में कमी,मिट्टी में उपस्थित लाभदायक जीव नष्ट हो जाना,पशुओं के पेट भरने के लिए भूसे की कमी,स्मांग/धुंध से अस्थमा दमा सांस लेने में कठिनाई होना,धुंध होने से दुर्घटनाएं होना,आंखों में जलन होना,वैश्विक ताप का बढ़ना,आसपास के पेड़ पौधों में भी आग से नुकसान होना,जमीन के अंदर ड्रिप इरिगेशन के पाइप नष्ट होना,ओजोन परत को क्षति पहुंचना नुकसानो के बारे में जिलाधिकारी ने बताया है।वहीं इसके अलावा उनके द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में भी बताया गया है जिसमें फसल अवशेष प्रबंधन करने से पशुओं के चारे के रूप में प्रयोग, मिट्टी में मिला कर खाद बनाना,भूमि की सतह पर मॉलविंग/पलवार के रूप में प्रयोग,धान की कटाई के बाद गेहूं की जीरो टिल सीड- कम- फर्टी ड्रिल से बुबाई, मशरूम की खेती में प्रयोग करना,रीपर का प्रयोग कर भूसा बनाना,मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की भौतिक दशा में सुधार होना,जल धारण क्षमता में सुधार होना,अवशेषों को खेत में जुताई का वेस्ट डी कंपोजर का छिड़काव कर गलाना,फसल अवशेष प्रबंधन हेतु यंत्रों यथा मलवर, पैडी स्ट्रा चापर,एम.बी.पिलाऊ एवं सुपर सीड्स जैसे उन्नति शील यंत्रों का प्रयोग करना,फसल अवशेषों को इकट्ठा कर वेस्ट डी कंपोजर के माध्यम से कंपोस्ट खाद तैयार करना के बारे में जनपद के कृषकों को जानकारी देते हुए अपील की है।

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