गाँव में पराली जली तो लेखपाल पर गिरेगी गाज : डीएम

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । फसल की पराली/फसल अपशिष्ट न जलाये जाने के सम्बन्ध में जिला एवं तहसील स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट मीटिंग हाल में सम्पन्न हुईं। बैठक में जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने कहा कि पराली न जलाये जाने के सम्बन्ध में एनजीटी के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाय और कम्बाइन हार्वेस्टर से फसलों की कटाई पर ध्यान दिया जाय और जिस कम्बाइन हार्वेस्टर से धान फसल की कटाई की जाय और कटाई के बाद पराली को जलाये जाने की शिकायत पायी जाय, तो सम्बन्धित कम्बाइन हार्वेस्टर को सीज किया जाय। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर पराली न जलाये जाने के सम्बन्ध में लेखपालों के माध्यम से जागरूकता बैठक कर ली जाय और इसके बाद भी पराली जलायी जाती है, तो सम्बन्धित गठित टीम व लेखपाल के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने पराली जलाये जाने के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर बल देते हुए कहा कि जिला स्तरीय व तहसील स्तरीय अनुश्रवण समिति के पदाधिकारी अपने जिम्मेदारियों को निभायें और जरूरत के मुताबिक कार्यवाही भी करें।

उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी उप जिलाधिकारी अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में खण्ड विकास अधिकारियों के माध्यम से कृषि विभाग के कार्मिकों को भी जिम्मेदारी देते हुए पराली न जलाये जाने के सम्बन्ध में कारगर कदम उठायें और जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम की स्थापना करते हुए पराली न जलाये जाने सम्बन्धी एनजीटी का पालन सुनिश्चित करें।

इस मौके पर जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम के अलाव मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 अमित पालशर्मा, उप जिलाधिकारीगण, पुलिस क्षेत्राधिकारी, जिलाध्यक्ष भारतीय कसान संघ चन्द्रभूषण पाण्डेय, सहित अन्य सम्बन्धितगण मौजूद रहे।

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