जिलाधिकारी ने वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए जनपद स्तर पर अनुश्रवण सेल गठन करने के दिये निर्देश

दीनदयाल शास्त्री (ब्यूरो)

पीलीभीत । जिलाधिकारी पुलकित खरे द्वारा फसल अवशेष जलाए जाने से हो रहे वायु प्रदूषण की रोकथाम किये जाने के दृष्टिगत जनपद स्तर पर अनुश्रवण सेल के गठन के साथ साथ प्रत्येक दिन अनुश्रवण किये जाने के निर्देश/निर्णय के परिपालन हेतु सेल का गठन किया गया हैः- अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अध्यक्ष, अपर पुलिस अधीक्षक सदस्य, उप कृषि निदेशक सदस्य/सचिव, जिला कृषि अधिकारी सदस्य, जिला विद्यालय निरीक्षक सदस्य, जिला पंचायतीराज अधिकारी सदस्य, जिला गन्ना अधिकारी सदस्य, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी सदस्य नामित किया गया है।
गठित सेल से सम्बन्धित अभिलेखीय कार्यवाही एवं सेल से सम्बन्धित दायित्वों के निर्वहन का दायित्व उप कृषि निदेशक/सचिव का होगा। उक्त गठित सेल धान एवं गन्ना कटने के समय से लेकर रबी में गेहूॅ की बुवाई प्रतिदिन फसल अवशेष जलाने की घटनाओं एवं इसकी रोकथाम के लिए की गई कार्यवाही की समीक्षा करते हुये प्रत्यके कार्यदिवस की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा गठित समिति के समक्ष तथा प्रमुख सचिव, पर्यावरण विभाग एवं प्रमुख सचिव, कृषि विभाग उत्तर प्रदेश शासन को प्रस्तुत करने के दायित्व का निर्वहन करेगा। कृषि विभाग एवं गन्ना विभाग के न्याय पंचायत स्तरीय कर्मचारी एवं विकासखण्ड स्तरीय सहायक विकास अधिकारी (कृषि) द्वारा फसल अवशेष के जलाने की रोकथाम तथा इसके दुष्परिणामों के सम्बन्ध में कृषकों के मध्य व्यापक प्रचार प्रसार एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराना सुनिश्चित करेंगे। जनपद के विद्यालय/शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों के माध्यम से फसल अवशेष न जलाये जाने एवं इसके जलाये जाने से हो रहे प्रदूषण से आगाह करने हेतु जनजागरण अभियान भी चलाया जाना सुनिश्चित किया जाये।
इसके साथ ही साथ तहसील स्तर पर उड़नदस्ता गठित करते हुये निर्देशित किया गया है कि धान पराली, फसल अवशेष न जलाये जायें। प्रत्येक तहसील एवं विकासखण्ड के समस्त लेखपाल एवं ग्राम प्रधानों को सम्मिलित करते हुये व्हाट्स-एप ग्रुप बनाया जाये, यदि क्षेत्र में फसल अवशेष की घटना घटित होती है तो अर्थदण्ड लगाये जाने के सम्बन्ध में कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। ऐसी घटना होने पर उक्त शासनादेश के अनुसार के अनुसार अनिवार्य रूप से दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। तहसील स्तर पर गठित उड़नदस्ते का दायित्व होगा कि धान कटने के समय से लेकर रबी में गेहूं की बुवाई तक प्रतिदिन फसल अवशेष जलाने की घटनाओं एवं इसकी रोकथाम के लिए की गई कार्यवाही की सत्त निगरानी एवं अनुश्रवण करते हुए प्रत्येक कार्य दिवस की सूचना अनिवार्य रूप से जनपद स्तर पर गठित सेल को देंगे। उड़न दस्ता में सम्बन्धित सहायक विकास अधिकारी कृषि, पुलिस क्षेत्राधिकारी व सम्बन्धित उप जिलाधिकारी सम्मिलित हैं।

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