सरकार की गलत नीतियों पर जिले भर में गरजे सपाई

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । जनपद की सभी तहसीलों में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने डेरा डालकर प्रदर्शन किया। जुलूस निकाल कर सपाइयों ने जमकर नारेबाजी की। कई स्थानों पर स्थिति को नियंत्रण करने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद देश में बेरोजगारी बढ़ी है, वहीं प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं। साथ ही स्वास्थ्य सेवा के उपकरणों में किए गए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई।

इसी क्रम में सदर तहसील में पूर्व सदर विधायक अविनाश कुशवाहा के नेतृत्व में सपाइयों ने सदर एसडीएम को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार की गलत नीतियों के चलते कोरोना संकट बढ़ा, किसान, नौजवान, बुनकर और समाज के दूसरे कमजोर वर्गों की उपेक्षा, आरक्षण पर वार, कानून व्यवस्था ध्वस्त, समाजवादी कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और घोटालों पर नियंत्रण नहीं, महिलाएं-बच्चियां असुरक्षित, जनहित से उदासीन सरकार पर कार्यवाही हो। भाजपा सरकार में कैसी विडंबना है कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने पर समाजवादी सिपाहियों पर बर्बरता से लाठी चार्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाती है। मानवीय संवेदना के तहत अन्याय के शिकार लोगों को सांत्वना देने, मृतकों के परिवारों की मदद करने के लिए जाने भी समाजवादी नेताओं के साथ बदसलूकी कर उन्हें गंतव्य तक जाने से रोका जा रहा है। बदले की भावना से सांसद मोहम्मद आजम खान और उनके परिवार पर फर्जी केस लगा कर जेल में उत्पीड़न किया जा रहा है। समाजवादी पार्टी के कई अन्य नेताओं पर भी पुलिस ने फर्जी मुकदमे लगा दिए हैं। समाजवादी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। सच तो यह है कि भाजपा सरकार ने अपने अब तक के कार्यकाल में जनहित की कोई योजना लागू नहीं की है। समाजवादी सरकार की योजनाओं पर या तो अपने नाम का ठप्पा लगा है या फिर द्वेष की भावना से उनको बर्बाद किया है। यूपी डायल 100, एंबुलेंस सेवा 108,102 हेल्पलाइन 1090 एवं 181 से जनता को मिलने वाले लाभों से वंचित करने की साजिशें हो रही है। केंद्र और राज्य की डबल इंजन की सरकारें वादों और छलावों से जनता में नफरत फैलाने और समाज को बांटने का ही काम कर रही है।

हमारी प्रमुख मांगे हैं

अतिवृष्टि,ओलावृष्टि,बाढ़ से नष्ट फसलों के लिए किसानों की क्षति पूर्ति का तत्काल प्रबंध हो। गन्ना किसानों का बकाया और नियमानुसार देय ब्याज का भुगतान शीघ्रतिशीघ्र किया जाए। बिजली की दरों में बेतहाशा वृद्धि रोकी जाए। बुनकरों को फ्लैट रेट पर बिजली दी जाए। उनसे बकाया वसूली कोरोना संकट काल में रोकी जाए। फर्जी एनकाउंटर बंद हो। हिरासत में मौतों की न्यायिक जांच हो। छात्रों की 5 महीने लॉकडाउन अवधि की फीस माफ की जाए। बड़े स्कूलों में पात्र गरीब छात्रों को प्रवेश दिलाया जाए। बीएड व अन्य पाठ्यक्रमों में दलित छात्रों को नि:शुल्क प्रवेश की पुरानी व्यवस्था लागू हो। अपराधों की रोकथाम हो, खासकर महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं पर पुलिस प्रशासन को प्रभावी एवं सख्त कार्रवाई के आदेश दिए जाएं। अपराधियों की जमानत न हो इसके लिए अभियोजन पक्ष को तस्दीक की जाए। सरकारी सेवा में वर्ग ख और ग के कर्मचारियों की संविदा पर भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगे। समाजवादी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं का फर्जी केस लगातार उत्पीड़न तत्काल बंद हो। जेल में बंद पूर्वमंत्री एवं सांसद मोहम्मद आजम खान और उनके परिवार को बदले की भावना से किया जा रहा उत्पीड़न बंद हो। जब तक राज्य सरकार बेरोजगार युवाओं के लिए आजीविका की व्यवस्था न कर सके उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। गिट्टी-बालू सस्ता किया जाए। केंद्र सरकार द्वारा लाया गया किसान विरोधी बिल तत्काल वापस किया जाय।

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