संघर्ष समिति ने बैठक कर किया नीजिकरण का विरोध

कृपाशंकर पांडे (संवाददाता)

-ओबरा कॉलोनी में सड़क की बदहाल स्थिति पर जताया आक्रोश

ओबरा। उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ के स्थानीय कार्यालय पर गुरुवार को सायं 7 बजे विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक आहूत की गई। इस बैठक में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निगमीकरण व निजीकरण तथा स्थानीय परियोजना कालोनी में सड़कों की बदहाल स्थिति हॉस्पिटल की दुर्व्यवस्था और अन्य मूल भूत सुविधाओं की गिरती स्थिति पर विचार किया गया । इस अवसर पर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने निजीकरण की सरकार की मंशा पर आक्रोश व्यक्त किया और इसे व्यापक जनहित विरोधी बताया।कहा कि निजीकरण से सब्सिडी और क्रास सब्सिडी समाप्त हो जाने के बाद निम्न एवं मध्यम वर्ग बहुत बुरी तरह प्रभावित होंगे । मुख्य रूप से किसान जिनके कारण अर्थव्यवस्था की बदहाल स्थिति में भी देश में पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध नहीं हो पा रहा है उनकी तो कमर ही टूट जाएगी क्योंकि उन्हें भी 5000 तक का विद्युत बिल देना पड़ सकता है । कहा कि आज तक बिजली के निजीकरण के प्रयोग जहां भी किये गए वे विफल ही रहे हैं ।एक ओर तो जनता से भारी बिल वसूली की जाती है फिर भी अपेक्षा के अनुसार राजस्व जमा नही होता है । संघर्ष समिति के सभी घटकों ने सरकार से निजीकरण का प्रयोग बंद करने की मांग किया अन्यथा की स्थिति में विद्युत कर्मी आंदोलन को बाध्य होंगे ।

संगठनों के पदाधिकारियों ने कालोनी में सड़कों की बदहाल स्थिति और सामान्य सुविधाओं के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए आंदोलन करने का निर्णय लिया गया ।इस अवसर पर इं अदालत वर्मा , इं अंकित प्रकाश, इं विजय प्रताप कुशवाहा, योगेंद्र प्रसाद, धुरंधर शर्मा, शशिकांत श्रीवास्तव,दिनेश यादव, दीपक सिंह, शाहिद अख्तर,कैलाश नाथ, सतीश कुमार , राम यज्ञ मौर्य , पशुपतिनाथ विश्वकर्मा,विंध्याचल,विजय विश्वकर्मा,उमेश आदि लोग उपस्थित रहे ।बैठक की अध्यक्षता इं अदालत वर्मा एवं संचालन सत्य प्रकाश सिंह ने किया।

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