कोरोना से लड़ाई में सुरक्षा बलों की तरह डटे एम्बुलेंस कर्मचारी

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । कोरोना पीड़ित होने की बात सुनते ही जब अपने भी साथ छोड़ देते तब भी एंबुलेंस कर्मी पीछे नहीं हटते हैं। बिना डरे बिना थके वो अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाकर असली कोरोना योद्धा बनकर उभरे हैं। आमतौर पर तो लोगों की यही धारणा है कि वह अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन कोरोना जैसी भयावह बीमारी में वह कोई न कोई बहाना कर छुट्टी भी ले सकते हैं पर उन्होंने ऐसा नहीं किया। 108 हो या फिर 102 अथवा एएलएस कोरोना संक्रमितों के लिए बनाई गई विशेष एंबुलेंस सेवा के किसी भी कर्मचारी ने अपने कर्तव्यों से मुँह नहीं मोड़ा। इसी का परिणाम रहा कि लगभग 529 कोरोना पीड़ितों को विभिन्न एल-1 कोविड हॉस्पिटल में पहुँचाकर उनके प्राणों की रक्षा की। इसके अलावा इस संकटकाल में 3950 से अधिक गंभीर रूप से बीमार लोगों को त्वरित सूचना पर अस्पताल पहुंचाया गया।

इनकी रही महती भूमिका, हर किसी ने सराहा

एंबुलेंस 108 के जिला प्रभारी दिनेश यादव, संदीप पटेल पायलट सुनील, उपेंद्र, संजय, राजेश, चंदन, सुभाष, सुशील तथा इएमटी राजमणि, आशीष, शिवशंकर, अजय, अरुण, मोनू, पप्पू तथा गोपाल समेत अन्य कर्मचारियों ने कोरोना संकटकाल में पीड़ितों के मददगार बने। उनके कार्यों की लोग सराहना भी कर रहे हैं।

24 घंटे सेवा में 50 एंबुलेंस

कोरोना संकट काल में 108 की 24, 102 की 22 व एएलएस की चार एंबुलेंस 24 घंटे जिले के नागरिकों की सेवा में तत्पर रही हैं। सूचना मिलने के चंद मिनटों में एंबुलेंस कर्मी अपनी टीम के साथ पहुंचकर पीड़ितों की मदद में जुटे रहे।

वहीं जिला प्रभारी दिनेश यादव व संदीप पटेल ने बताया कि “ड्यूटी नहीं सेवाभाव के रूप में सभी एंबुलेंस कर्मचारी कार्य पर डटे रहे। कोरोना से भय जरूर मन में आया, लेकिन कर्तव्य का बोध होते ही डर भी मन से निकल गया। इसके बाद पूरी टीम कोरोना के साथ अन्य पीड़ितों की सेवा में लगी है।”

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