महिलाओं ने कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए हरतालिका तीज पर किया पूजन अर्चन

घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)

चोपन। स्थानीय नगर व आसपास के क्षेत्रों में आज के दिन महिलाएं अपने पति के दिर्घायू की कामना के लिए निर्जला व्रत करती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस व्रत को सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान भोलेनाथ के लिए रखा था। पार्वती माता के कठोर तप के पश्चात भगवान शंकर ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकारा था। ऐसे में विशेष तौर पर इस दिन गौरी-शंकर की पूजा की जाती है। इस दिन महिलाएं सोया नहीं सकती हैं। उन्हें रातभर भजन-कीर्तन करना होता है। वहीं, सुबह स्नान कर श्रद्धा के साथ अपने सामर्थ्य अनुसार किसी सुपात्र सुहागिन महिला को श्रृंगार सामग्री, वस्त्र, खाद्य सामग्री, फल, मिष्ठान्न आदि का दान करती हैं नगर के विभिन्न मंदिरों में विराजमान भगवान भोलेनाथ माता पार्वती की प्रतिमा पर महिलाओं द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना कर माता पार्वती का सिंगार किया गया इस दौरान मंदिर के पूजारी द्वारा हरीतालिका तीज का कथा सुनाया गया। वहीं कैलाश मंदिर, दुर्गा मंदिर, काली मंदिर,गौरीशंकर मंदिर सहित आसपास के मंदिरों में भी महिलाओं द्वारा कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पूजा अर्चना किया गया।

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