नहीं रहे शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध गायक पंडित जसराज, अमेरिका में हुआ निधन

शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध गायक पंडित जसराज नहीं रहे । मेवाती घराने के पंडित जसराज का सोमवार को अमेरिका में निधन हो गया । वे 90 साल के थे । उन्होंने अमेरिका के न्यू जर्सी में अंतिम सांस ली । पंडित जसराज के निधन से संगीत जगत शोक में डूब गया है ।जसराज के परिजनों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक उन्होंने स्थानीय समय के अनुसार सुबह 5.15 बजे अंतिम सांस ली। पंडित जसराज के निधन के बाद उनकी अंत्येष्टि कहां होगी, इसे लेकर भी अटकलें लगाई जाने लगी हैं । प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्र सरकार के स्तर पर पंडित जसराज का शव अमेरिका से भारत लाए जाने के लिए बात हो रही है ।हरियाणा के हिसार से संबंध रखने वाले पंडित जसराज के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया है ।पंडित जसराज के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया है । उन्होंने पंडित जसराज के निधन को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि इससे भारतीय सांस्कृतिक जगत में गहरा शून्य उत्पन्न हो गया है ।गृह मंत्री अमित शाह ने भी पंडित जसराज के निधन पर दुख जताया है । गृह मंत्री शाह ने ट्वीट कर उनके निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया है ।गौरतलब है कि 28 जनवरी 1930 को जन्मे पंडित जसराज ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई ऊंचाई दी। पंडित जसराज ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को विश्व फलक पर महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । संगीत जगत में अपने जीवन के 80 साल से अधिक समय तक सक्रिय रहे पंडित जसराज ने भारत के साथ ही अमेरिका और कनाडा में भी शास्त्रीय संगीत का परचम लहराया ।
संगीत जगत में उनके योगदान को सलाम करते हुए अंतरराष्ट्रीय खोलीय संघ ने साल 2006 में खोजे गए हीन ग्रह 2006 वीपी 32 का नाम पंडितजसराज रखा था. पंडित जसराज को संगीत विरासत में मिली थी । उनका जन्म ऐसे परिवार में हुआ था जिसकी चार पीढ़ियां संगीत से जुड़ी रहीं । चार साल की उम्र में ही पंडित जसराज के सर से पिता का साया उठ गया था। उनके पालन-पोषण का दायित्व बड़े भाई पंडित मणिराम की देख-रेख में हुआ था ।अपने आठ दशक से अधिक के संगीतमय सफर में पंडित जसराज को पद्म विभूषण (2000) , पद्म भूषण (1990) और पद्मश्री (1975) जैसे सम्मान मिले । पिछले साल सितंबर में सौरमंडल में एक ग्रह का नाम उनके नाम पर रखा गया था और यह सम्मान पाने वाले वह पहले भारतीय कलाकार बने थे । इंटरनेशनल एस्ट्रोनामिकल यूनियन :आईएयू: ने ‘माइनर प्लेनेट’ 2006 वीपी 32 :नंबर 300128: का नामकरण पंडित जसराज के नाम पर किया था जिसकी खोज 11 नवंबर 2006 को की गई थी।

इस साल जनवरी में अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले पंडित जसराज ने नौ अप्रैल को हनुमान जयंती पर फेसबुक लाइव के जरिए वाराणसी के संकटमोचन हनुमान मंदिर के लिए दी थी। इसके अलावा उन्होंने अपनी बेटी और प्रोड्यूसर दुर्गा की संगीतमय वेब सीरिज ‘उत्साह में भी भाग लिया था जो लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया पर आयोजित की जा रही है।

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