मिग-27 लड़ाकू विमान की शुक्रवार को होगी आखिरी उड़ान

करगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय वायुसेना के मिग-27 लड़ाकू विमान की शुक्रवार को आखिरी उड़ान होगी। बीते कई दशक से मिग सीरीज के विमान भारतीय वायुसेना के ग्राउंड अटैक बे़ड़े की रीढ़ रहे हैं ।भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन 29 इकलौती यूनिट है जो मिग 27 के अपग्रेड वैरिएंट का अब तक इस्तेमाल करती आ रही है ।

इस स्कवाड्रन के विमान राजस्थान के जोधपुर से 27 दिसंबर को अपनी आखिरी उड़ान भरेंगे । मिग 27 का 2006 का उन्नत वैरिएंट आखिरी स्क्वाड्रन में अब तक सक्रिय रहा है । मिग सीरीज के अन्य वैरिएंट, मिग-23 BN और मिग-23 MF और विशुद्ध मिग 27 पहले ही भारतीय वायु सेना से रिटायर हो चुके हैं ।

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘इन विमानों ने शांति और युद्ध काल में राष्ट्र के लिए अहम योगदान दिया । मिग बेड़े का कमाल ऐतिहासिक करगिल युद्ध के दौरान देखने को मिला जब इन विमानों शत्रु के ठिकानों पर रॉकेट और बमों से सटीक निशाने लगाए। इस बेड़े ने ऑपरेशन पराक्रम में भी सक्रिय तौर पर हिस्सा लिया । उन्नत वैरिएंट ने अपने उम्दा और कारगर प्रदर्शन के दम पर कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय युद्धाभ्यासों में भी हिस्सा लिया ।

स्क्वाड्रन की स्थापना 10 मार्च 1958 को हलवारा में औरागन (तूफानी) एयरक्राफ्ट के साथ हुई. दशकों तक स्क्वाड्रन में विभिन्न तरह के लड़ाकू विमानों जैसे कि मिग 21 77, मिग 21 टाइप 96, मिग 27 एमएल और मिग 27 अपग्रेड का इस्तेमाल किया गया।

रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘स्क्वाड्रन को 31 मार्च 2020 को नम्बर प्लेटेड किया जाएगा और 27 दिसंबर 2019 को इसकी उड़ान का आखिरी दिन होगा । इसी के साथ ये भारतीय वायुसेना के गौरवशाली अतीत का हिस्सा बन जाएगा ।

जोधपुर में भारतीय वायुसेना के स्टेशन पर शुक्रवार को डी-इंडक्शन सेरेमनी में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन होगा. इस समारोह की अध्यक्षता दक्षिण पश्चिमी एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल एस के घोटिया करेंगे। इस मौके पर भारतीय वायुसेना के मौजूदा और रिटायर अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे ।



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