24 जनवरी को मौनी अमावस्या, मौनी अमावस्या स्नान की तैयारियों का लिया जायजा

सुधीन्द्र पांडेय (संवाददाता)

चन्दौली । बलुआ घाट स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा के तट पर मौनी अमावस्या के दिन लगने वाले माघ मेला और भारी संख्या में जुटने वाले श्रद्धालुओं को कोई दिक्क्त न हो इसके लिए समाजसेवक संतोष सिंह ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ तैयारियों का जायजा लिया। समाजसेवक संतोष सिंह ने कहा कि माघ मास की अमावस्या जिसे मौनी अमावस्या कहते हैं. यह योग पर आधारित महाव्रत है. पूर्वांचल में प्रयाग के बाद बलुआ में ही गंगा पश्चिम वाहिनी हैं. मौनी अमावस्या पर गंगा में नहान का विशेष माहात्म्य होेने के नाते बहुत से लोग एक दिन पहले ही यहां आकर अपने सगे-संबंधियों के साथ यहां डेरा डाल देते है। जबकि कुछ स्नानार्थी घाट के किनारे बने रैन बसेरों में टिके रहते है. कहा कि मेले में आये हुए श्रद्धालुओ को जलपान की व्यवस्था एवं गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल एवं सभी कार्यकर्ताओं संग गंगा घाट की साफ-सफाई की व्यवस्था की जाएगी।

गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल ने कहा कि मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र संगम में देवताओं का निवास होता है इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस मास को भी कार्तिक के समान पुण्य मास कहा गया है। गंगा तट पर इस कारण भक्त जन एक मास तक कुटी बनाकर गंगा सेवन करते हैं, गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल ने कहा कि हम सभी गंगा सेवा समिति के कार्यकर्ता गंगा घाट की साफ-सफाई को लेकर आज हम सभी उपस्थित हुए है।

प्रमुख रूप से बृजेश साहनी, गुलगुल सिंह, विनय सिंह राजेश साहनी, सुनील पंजाबी, विनय रस्तोगी, अशोक मोदनवाल, जीवन साहनी, दिनेश साहनी आदि लोग मौजूद रहे।



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