आइए जानें,सर्दियों में क्यों होता है घुटनों का दर्द, जानें क्या है बचने का उपाय

घुटनों में दर्द, कमजोरी के कारण दैनिक कामों में परेशानी होती है। चलने, उठने, बैठने में तो दिक्कत होती है, लगातार घुटनों में दर्द होने से तनाव की स्थिति बनी रहती है। यह कहना गलत होगा कि अब घुटनों के दर्द की समस्या केवल बड़े-बुजुर्गों तक ही सीमित है लेकिन यह किसी भी उम्र के व्यक्ति में देखने में मिल रही है। घुटनों में दर्द की समस्या औरतों और पुरुषों को किसी भी उम्र में हो जाती है। हालांकि यह समस्या बुजुर्गों के लिए बहुत ही कष्टदायक होती है क्योंकि इस उम्र में शरीर की ऊर्जा उतनी नहीं रहती।
www.myupchar.com से जुड़े ऐम्स के डॉ. केएम नाधीर के अनुसार, घुटनों में हल्के दर्द अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन यदि समस्या बनी है तो फिजीकल थेरेपी और घुटने के ब्रेसेज (एक उपकरण जो घुटने को सहारा देने में मदद करता है) से शुरुआती इलाज करवाया जा सकता है।

घुटनों में दर्द का कारण:
घुटनों में दर्द की समस्या के कई कारण हो सकते हैं। घुटनों की मांसपेशियों में खून का संचार सही न होना, घुटनों की मांसपेशियों में खिंचाव या तनाव होना, घुटनों में लगी चोट का प्रभाव इसमें शामिल हैं। मुख्य कारणों में रक्त में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ना हो सकता है। घुटनों पर अधिक दबाव से सूजन भी दर्द का कारण बन सकता है। यह समस्या तब पैदा होती है जब व्यक्ति ज्यादा देर तक घुटनों के बल बैठता है, घुटनों को अधिक काम में लेता है या फिर जोड़ संक्रमित हो जाएं। घुटनों में दर्द की एक स्थिति तब भी पैदा होती है जब कोई झटका लग जाए या अप्राकृतिक ढंग से मुड़ने से लिगामेंट में चोट लग जाए। अधिक वजन या मोटापा घुटने के दर्द की आशंका को काफी हद तक बढ़ा देता है। घिसा हुआ कार्टिलेज घुटने के जोड़ के अंदर और बाहर की तरफ दर्द दे सकता है। नीकैप अपनी जगह से हट जाए तो भी यह स्थिति हो सकती है। ऑर्थराइटिस के कारण आई सूजन भी दर्द का कारण हो सकता है।

ऐसे बचें घुटनों के दर्द से:
घुटनों के दर्द से बचना हो तो इसकी देखभाल जरूरी है। इसके लिए ऐसे शारीरिक श्रम से बचें जो कि दर्द को बढ़ावा दे। इसमें अधिक वजन उठाना, ज्यादा देर तक घुटने मोड़कर बैठना शामिल हैं। घुटनों में दर्द की स्थिति हो तो जूते या चप्पल सपाट और सुविधाजनक पहनें। ज्यादा देर तक खड़े ना रहें और अगर ऐसा करना भी पड़े तो मुलायम गद्देदार जगह पर खड़े रहे। एक पैर पर ज्यादा वजन न डालें बल्कि दोनों पैरों पर समान वजन देकर खड़े हों। याद रखें कि नमक यानी सोडियम का सेवन कम करें। ज्यादा सेवन से सूजन बढ़ती है और घुटनों पर दबाव बढ़ता है। इससे दर्द होने लगता है। ज्यादा नमक के सेवन से हड्डियां भी कमजोर होती हैं। घुटनों में दर्द की शिकायत हो तो आलू, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, मांसाहार, वसा और प्रोटीन में कमी करें।
घुटनों के दर्द में आहार एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पालक का सेवन भरपूर करें क्योंकि यह एंटीऑक्सीडेंट का भंडार है जो ऑस्टियोआर्थराइटिस और घुटनों के दर्द से राहत देता हैं। जिस तरह का मौसम हो उस हिसाब से 3 से 4 लीटर पानी पीने की आदत डालें। विटामिन डी और विटामिन सी दर्द को कम करने में मदद करता है। इसलिए संतरे, स्ट्रॉबेरीस ब्रोकली का सेवन करें। विटामिन डी के लिए धूप में बैठें, दूध-दही, दलिया का सेवन करें।
घुटने का दर्द हो तो हर कोई व्यायाम या योगासन न करें। घुटने के दर्द वालों के लिए वीरासन, मकरासन, ताड़ासन, भुजंगासन, पादहस्तासन आदि शामिल हैं। जिन्हें घुटनों का दर्द अभी नहीं है उन्हें शुरू से ही व्यायाम और योग की आदत डालना चाहिए ताकि भविष्य में इसके शिकार न हों।



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