पराली/पताई जलाने की समस्या को किसानों से की गई सहयोग की अपील

दीनदयाल शास्त्री (ब्यूरो)

पीलीभीत । जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव द्वारा जनपद में पराली/पताई जलाने की समस्या को दृष्टिगत रखते हुये किसान भाईयों के सहयोग के लिए मनरेगा के तहत तैयार योजना/उपायों को माडल के रूप में प्रदेश के समस्त जिलों में लागू करने हेतु अपर मुख्य सचिव गृह द्वारा समस्त जिलाधिकारियों को पत्र प्रेषित कर निर्देशित किया गया है ।
वही जिलाधिकारी द्वारा पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम हेतु किये गये विस्तृत उपायों/योजनाओं जिसमें मनरेगा के अन्तर्गत पूसा डीकम्पोजर कैप्सूल एवं वेस्ट डीकम्पोजर के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में 20 व्यक्तिगत एवं 4 सामुदायिक परियोजनाये चयनित कर पराली/पताई से कम्पोस्ट खाद बनाया जाना, समस्त ग्राम प्रधानों की विकासखण्डों के सभाागारों में बैठकें आहूत किया जाना, उड़नदस्तों का गठन किया जाना, मंदिर/मस्जिद/गुरूद्वारों पर लगे लाउडस्पीकर व ठेलों पर लाउडस्पीकर को लगाकर मुनादी कराना, इन-सीटू यंत्रों द्वारा फसल कटाई के उपरान्त पराली का समुचित प्रबन्धन कराना, विभिन्न गोष्ठियो-चैपालों एवं पाठशालाओं के माध्यम से जागरूक किया जाये।
जनपद स्तर पर कन्ट्रोल रूम की स्थापना, एफआईआर दर्ज करना, अर्थदण्ड अधिरोपित करना, दोषी कर्मचारियों/अधिकारियों के प्रति दण्डात्मक कार्य किया जाना, होर्डिंग लगाया जाना, वालपेटिंग आदि कराये जाने के निर्देश दिये गये।
जनपद में पराली/पताई के उचित प्रबन्धन हेतु जिलाधिकारी द्वारा अपनाये गये समस्त उपायों को माडल के रूप में अपनाया गया है और शासन द्वारा इन उपायो को प्रदेश के समस्त जनपदों में शीघ्र लागू करने के आदेश जारी किये गये हैं।
जनपद में जिलाधिकारी द्वारा फसल अवशेष को जैविक खाद के रूप में परिवर्तित करने हेतु मनरेगा के तहत प्रति एकड धान की पराली एवं गेहू की नरई के प्रबन्धन हेतु रू0 3640/- श्रमांस के रूप में एवं गन्ने की पताई प्रबन्धन हेतु रू0 2548/- श्रमांस के रूप में मनरेगा जाॅबकार्ड धारकों देय की योजना है इसके साथ ही साथ जनपद के समस्त विकासखण्डों में पूसा डीकम्पोजर कैप्सूल व वेस्ट डीकम्पोजर की दवाई प्राप्त कर सकते हैं।



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