जिले में कुल 3,10,222 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाए जाने का लक्ष्य

संजीव कुमार पांडेय (संवाददाता)

मिर्जापुर। जनपद में बाल स्वास्थ्य पोषण माह के द्वितीय चरण का आयोजन 18 दिसम्बर बुधवार से 18 जनवरी 2020 शनिवार तक किया जायेगा। अभियान के दौरान 09 माह से 05 वर्ष तक के कुल 3,10,222 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0ओ0पी0 तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस विभाग के सहयोग से संचालित बाल स्वास्थ्य पोषण माह विटामिन-ए सम्पूर्ण कार्यक्रम टीकाकरण का एक अभिन्न अंग है, जो प्रतिवर्ष दो चरणों में जून और दिसम्बर महीने में बीएचएसएनडी सत्रों में आयोजित किया जाता है। जनपद में बाल स्वास्थ्य पोषण माह के प्रथम चरण का आयोजन तीन जुलाई से तीन अगस्त तक किया गया था। इसी क्रम में दूसरे चरण का आयोजन दिसम्बर महीने में किया जा रहा है। विटामिन – ए की खुराक न देने से बच्चों को रतौधी, खसरा, आंखों की रोशनी व हड्डियों का कमजोर होने का खतरा सबसे अधिक हो जाता है। इसलिए यह आवश्यक है कि अभियान के दौरान समस्त नौ माह से पांच वर्ष तक के लाभार्थी बच्चों को विटामिन-ए की दवा की खुराक अवश्य पिलाने का कार्य करें। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए के कवरेज को बढ़ाना, सभी कुपोषित बच्चों का पुनः वजन, पहचान, प्रबन्धन व सन्दर्भन करना, नियमित टीकाकरण के दौरान लक्षित बच्चों के साथ ही साथ आंशिक प्रतिरक्षित (ड्रापआउट) बच्चों को प्रतिरक्षित करते हुये शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने का कार्य किया जायेगा। बाल्य रोगों की रोकथाम करते हुये स्तनपान व उपरी आहार को बढ़ावा देते हुये कुपोषण से बचाव करने का कार्य होगा। इसके अलावा आयोडीन युक्त नमक के प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया जायेगा। प्रदेश शासन के अनुसार लगभग 60 प्रतिशत बच्चों में विटामिन- ए की कमी होने का खतरा होता है जो बच्चों में बीमारी एवं मृत्युदर की सम्भावनाओं को बढ़ाता है। नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को एक वर्ष में दो बार विटामिन-ए की निर्धारित खुराक दिये जाने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। जिससे सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ्य व पोषित बने रहते है। जनपद में बाल स्वास्थ्य पोषण माह के सफल क्रियान्वयन हेतु विभाग द्वारा कम कवरेज वाले क्षेत्रों, मलिन बस्ती तथा दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को शत-प्रतिशत आच्छादित करने हेतु विशेष रणनीति व माइक्रोप्लान तैयार की जा रही है। योजना के अनुसार संचालित अभियान के दौरान समस्त नौ माह से पांच वर्ष तक के लाभार्थी बच्चों को आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा सत्र स्थल पर बुलाकर एएनएम द्वारा विटामिन-ए की खुराक पिलायी जायेगी।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!