नागरिकता संशोधन बिल को लेकर उत्तर पूर्वी राज्यों में तनाव की स्थिति, इंटरनेट सेवा बन्द

फाइल फोटो

नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद से पूरे उत्तर पूर्वी राज्यों में तनाव की स्थिति है। गुवाहाटी में बिल के विरोध में प्रदर्शन करने वाले दो लोगों को गोली लगी थी, जिनकी गुरुवार शाम को मौत हो गई। गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज ने इसकी पुष्टि की है। वहीं असम के मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि स्थानीय लोगों के अधिकारों को आंच नहीं आने दी जाएगी।
असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक विडियो जारी कर राज्य के लोगों से अपील की है कि उन्हें नागरिकता संशोधन बिल को लेकर अपनी परंपरा, संस्कृति, भाषा, राजनीतिक और जमीनी अधिकारों को लेकर कतई भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि असम अकॉर्ड की धारा 6 के तहत उनके अधिकारों की रक्षा की जाएगी।

इससे पहले नॉर्थ ईस्ट के कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट और मैसेजिंग सेवा पर पाबंदी लगाई थी । वहीं गुवाहाटी के बाद शिलॉन्ग में भी कर्फ्यू लगा दिया गया है । उधर मेघालय में जारी उपद्रव को लेकर मुख्यमंत्री कोनराड संगमा गुरुवार रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने वाले हैं । इन दोनों की मुलाकात नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर होगी । उत्तर पूर्व के मुख्यमंत्रियों में संगमा का नाम भी शामिल है जो इस विधेयक का शुरू से विरोध कर रहे हैं ।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘कुछ लोग प्रदेश के लोगों को गुमराह करने और स्थिति को बिगाड़ने के लिए भ्रामक बयान दे रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि रिटायर्ड जस्टिस बिप्लब सरमाह के नेतृत्व में एक कमिटी बनाई है। रिटायर्ड जस्टिस सरमाह को ही असम के लोगों के संवैधानिक सुरक्षा मुहैया कराने के लिए सिफरिशें तैयार करने का काम दिया गया था।

मुख्य मंत्री ने कहा कि केंद्र ने बेहद स्पष्ट तौर पर कहा है कि धारा 6 के तहत प्रदेश के लोगों के अधिकारों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। मुख्य मंत्री ने कहा कि रिटायर्ड जस्टिस बिप्लब सरमाह के नेतृत्व में काम करने वाली कमिटी जल्द अपनी सिफारिशें देगी और सरकार उन सिफारिशों को तुरंत लागू करेगी। मुझे लगता है कि असम के लोगों के अधिकारों की रक्षा पूरी तरह होगी।
उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि असम के समझदार लोग भ्रमित करने वाली गलत खबरों पर भरोसा नहीं करेंगे, क्योंकि यहां के लोग शांतिप्रिय हैं।’ मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे आगे आएं और शांति का वातावरण बनाएं।

असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने भी प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वह प्रोटेस्ट के दौरान अनियंत्रित न हों और प्रदेश में शांति को बरकरार रखने में मदद करें। मुखी ने कहा कि सदन के पटल पर केंद्र सरकार ने यह आश्वासन दिया है कि वे असम के हितों की रक्षा करेंगे। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश की संस्कृति, भाषा और क्लॉज 6 के तहत यहां के मूल नागरिकों के हितों की रक्षा का भी आश्वासन दिया है।



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