नारद मोह के साथ परम्परागत रामलीला की हुई शुरुआत

घनश्याम पाण्डेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)

चोपन। स्थानीय सिंदुरिया गांव में परंपरागत आयोजित श्रीराम लीला वर्षो से चली आ रही है जिसे गांव के ही लोग सामूहिक रूप से करते है रामलीला के प्रथम दिन श्री नारद जी को राजा सीलनीधी की कन्या विश्वमोहिनी के रूप सौन्दर्य के वशीभूत होकर मोह उत्पन्न हो जाता है ऐसा भगवान विष्णु के द्वारा उनके अहंकार को समाप्त करने के लिए किया जाता है क्योंकि अपनी साधना से श्री नारद जी कामदेव पर विजय प्राप्त करके अपनी विजय गाथा शंकर जी ब्रह्मा जी के रोकने के बावजूद भी श्री विष्णु से कह देते हैं।उनका अहंकार नष्ट करने के लिए प्रभू ने उनके साथ यह लीला किया और नारद जी को बन्दर का रूप दे दिया। और उपहास का पात्र बन गये।

इस कार्यक्रम को संचालित करने में ग्रामवासियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही दूसरे दिन भगवान श्री राम जन्म की रामलीला खेला जाएगा। इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष सुरेश पाण्डेय, नरसिंह त्रिपाठी, विद्याशंकर पाण्डेय, रामनारायण पाण्डेय, प्रेमशंकर पाण्डेय, राम जानकी पाण्डेय, आदित्य नारायण पाण्डेय, बृजेश पाण्डेय,अशोक पाण्डेय, मुरली तिवारी, तुलसी त्रिपाठी, विजयानंद तिवारी,अशोक मिश्रा, हृदय नारायण पाण्डेय, कमलेश पाण्डेय, मनीष, राधेश्याम, आशीष पाण्डेय, विशाल पाण्डेय, व्यास जी, आदि समस्त पाण्डेय परिवार के साथ साथ सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



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