मत्स्य पालन किसान बढ़ाएँ अपनी आय : सहायक मत्स्य निदेशक

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । “देश में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने नीली क्रांति योजना की शुरूआत की थी। ऐसे में इस व्यवसाय में जनपद सोनभद्र के किसानों और युवाओं के लिए अपार संभावनाएं है। सोनभद्र की भौगौलिक स्थिति को देखते यदि किसान नीली क्रांति से जुड़ेंगे तो निश्चित तौर पर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। पानी की कमी की समस्या से ग्रसित जनपद सोनभद्र के किसान यदि अपने तालाब के किनारे बोरिंग कराएँ और तालाब में पानी का लेबल 7 फ़ीट तक बरकरार रख सकें तो निश्चित ही मत्स्य पालन उनके लिए वरदान साबित होगा। जनपद सोनभद्र में कई किसान नीली क्रांति से जुड़ कर अच्छी खासी आमदनी कर रहे हैं।उक्त बातें सहायक निदेशक मत्स्य विजयपाल ने जनपद न्यूज़ live के संवाददाता से बात करते हुए कहीं।

उन्होंने नीली क्रांति के विषय में विस्तार से बताते हुए कहा कि “मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए जितनी भी योजनाएँ हैं उनको एक साथ सम्मिलित कर दिया गया और जिसका नाम नीली क्रांति रखा गया। इस योजना में मत्स्य बीज उत्पादन, मत्स्य की मार्केटिंग, मछुआरा बीमा समेत मत्स्य विकास के सारे सेक्टरों को रखा गया है। इस योजना में जो लाभार्थी के लिए योजनाएं है उसमें जो भी परियोजना लागत है, उसमें जहाँ सामान्य वर्ग के व्यक्ति के लिए सरकार ने 40 प्रतिशत अनुदान की सुविधा रखी है वहीं एससी/एसटी या महिला वर्ग के लिए सरकार ने 60 प्रतिशत अनुदान की सुविधा रखी है।”

योजना के लिए आवेदन करने की जानकारी देते हुए विजयपाल ने जनपद न्यूज़ live को बताया कि “प्रस्ताव के निर्माण के बाद निदेशालय को उपलब्ध होता है उसी के आधार पर हम वह परियोजना प्रस्ताव उ0प्र0सरकार को राष्ट्रीय मत्स्यिकी विकास बोर्ड के माध्यम से प्रेषित करते है। बोर्ड परियोजना प्रस्ताव को परीक्षण करती है और उसके बाद वह संतुति करती है, उसके बाद भारत सरकार प्रदेश सरकार को धनराशि देती है। धनराशि मिलने के बाद प्रदेश सरकारी सारी औपचारिखताएं पूरी करते हुए लाभार्थी को धनराशि देती है।”

उन्होंने बताया कि “आवेदक को कई चरणों में धनराशि दी जाती है जो कि परियोजनाओं पर निर्भर करती है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस परियोजना के अंर्तगत सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 40 प्रतिशत अनुदान और महिला, एससी/एसटी को 60 प्रतिशत अनुदान राशि दी जाती है। 20 लाख रुपए के प्रोजेक्‍ट में से लाभार्थी को 5 लाख रुपए देना होगा। बाकी 7 लाख 50 हजार रुपए केंद्र सरकार और 3 लाख 75 हजार रुपए राज्‍य सरकार द्वारा सब्सिडी के तौर पर दिया जाएगा। इसके अलावा सरकार 3 लाख 75 हजार रुपए का बैंक लोन भी दिलाएगी।”



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!