आखिर ममता ने नहीं दिया राज्यपाल को हेलीकाप्टर

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ राज्य में ‘समानांतर सरकार’ चला रहे हैं ।इसके एक दिन बाद राज्यपाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ममता बनर्जी को संवाद कायम करने के लिए मीडिया से बात करने की जगह राज्यपाल से बात करने का कोई आधिकारिक माध्यम बनाना चाहिए ।

राज्यपाल धनखड़ शुक्रवार को मुर्शिदाबाद जिले के दौरे पर थे ।इस दौरान बीरभूम में उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा, “राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच या तो आमने सामने संवाद होना चाहिए या तो इसके लिए कोई आधिकारिक संवाद माध्यम होना चाहिए । मुझे अब तक राज्य सरकार की तरफ से कोई ऐसा संवादसूत्र नहीं मिला है कि मेरी कोई भी कार्रवाई मेरे अधिकार क्षेत्र से परे है । मुझे मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए । अगर उनके पास बात करने के लिए कोई मुद्दा है तो या तो उन्हें मुझसे बात करनी चाहिए, या फिर मुझे पत्र लिखना चाहिए ।

गवर्नर का यह बयान तब आया जब उनसे तृणमूल कांग्रेस के उस आरोप के बारे में सवाल पूछा गया जिसमें आरोप लगाया गया था कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद पर काम करने की जगह ‘बीजेपी के मुखपत्र’ की तरह काम कर रहे हैं । ममता बनर्जी ने गुरुवार को आरोप लगाया था, “कुछ लोग हैं जो बीजेपी के मुखपत्र के रूप में काम कर रहे हैं. आपने देखा कि कि हमारे राज्य में क्या हो रहा है. वे एक समानांतर सरकार चलाना चाहते हैं ।

पश्चिम बंगाल की सरकार और राज्यपाल के बीच यह गतिरोध तब शुरू हुआ जब सरकार ने राज्यपाल को हेलीकॉप्टर की सुविधा देने से इनकार कर दिया। राजभवन की ओर से सरकार से मांग की गई थी कि शुक्रवार को प्रस्तावित राज्यपाल के मुर्शिदाबाद दौरे के लिए हेलीकॉप्टर मुहैया कराया जाए ।सरकार के हेलीकॉप्टर देने से इनकार के बाद राज्यपाल अपनी पत्नी के साथ करीब 290 किलोमीटर की यात्रा सड़क मार्ग से तय करके मुर्शिदाबाद गए ।

जानेमाने वकील रह चुके 68 वर्षीय धनखड़ ने मुर्शिदाबाद में मीडिया से कहा, “यात्रा के बाद मैं सड़कों की स्थिति के बारे में बात कर सकता हूं । हमने सुबह पांच बजे यात्रा आरंभ की, राष्ट्रीय राजमार्ग बढ़िया है और मैं गडकरी जी को धन्यवाद देना चाहता हूं. कुछ राज्यमार्ग भी उसी तरह के हैं लेकिन मुर्शिदाबाद की तरफ करीब 150 से 200 किलोमीटर आने पर सड़कों की स्थिति काफी दयनीय है. मुझे काफी झटके झेलने पड़े ।

एक कॉलेज के कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए हेलीकॉप्टर की मांग करने पर राज्यपाल की निंदा करते हुए बंगाल के मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने उनकी यात्रा पर सवाल उठाए. उन्होंने सवाल किया, “हेलीकॉप्टर का खर्च राज्य के लोगों को वहन करना होगा. अगर उनका स्वास्थ्य अनुमति नहीं देता, तो वे ऐसी यात्रा क्यों कर रहे हैं?”

राज्यपाल पर सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए भट्टाचार्य ने राज्यपाल को अपनी संवैधानिक ‘मर्यादा’ में रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा, “वे मशहूर वकील रह चुके हैं । इसलिए वे अपने मुवक्किलों को सलाह देने की पेशेवर आदत छोड़ नहीं पा रहे हैं। जबकि संविधान कहता है कि राज्यपाल मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह का पालन करेगा ।



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