अनपरा ‘डी’ परियोजना में आगजनी के लिए जिम्मेदार कौन?

■ ऊर्जा नगरी में चिकित्सा का अभाव, बेहतर इलाज के लिए जाना पड़ता है वाराणसी

■ लगातार हो रहे घटना को लेकर जनप्रतिनिधियों ने जताई चिंता

■ परियोजना के पास नहीं है कोई खुद का एम्बुलेंस, विधायक बोले जानकारी नहीं

■ जनप्रतिनिधियों का वही रटारटाया जबाब, दोषियों के खिलाफ कार्यवाही होगी

■ मगर बड़ा सवाल, आखिर क्यों नहीं थम रहा, हादसा, जिम्मेदार कौन

अभी योगी सरकार बिजली कर्मचारी भविष्य निधि में व्यापक घोटाले से उबर भी नहीं पाई है कि सोनभद्र में बिजली परियोजना में हादसों ने योगी सरकार के व्यवस्था की पोल खोल दी । सोनभद्र के अनपरा ‘डी’ परियोजना के 7वीं यूनिट के टरबाइन में अचानक आग लगने से जहां परियोजना को करोड़ों रुपये का चूना लगा है वहीं इस हादसे में 4 लोग घायल भी हुए हैं। घटना के बाद बीजेपी के क्षेत्रीय विधायक से लेकर बीजेपी के नेताओं ने भी माना कि परियोजना में सरकार द्वारा सुविधा दिए जाने के बाद भी दुर्व्यवस्था है । यानी बीजेपी सरकार के विधायक भी मान रहे हैं कि सब कुछ ठीक नहीं चल रहा और इसकी जानकारी वे ऊपर तक देंगे । वहीं बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष ने यहां तक कह कि परियोजना को बन्द कर पहले सुधारात्मक कार्यवाही की जरूरत है । आपको बतादें कि योगी सरकार में यह कोई पहला मामला नहीं है । सरकार बनने के बाद ही अनपरा परियोजना में आगजनी की घटना हुई थी जिसमें एक कर्मचारी की जान भी चली गयी थी, जिसके बाद सीएम योगी को खुद यहां आना पड़ा था । इसके बाद ओबरा तापीय परियोजना में आगजनी की घटना ने एक बार फिर सरकार के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया था। उसके बाद भी कुछ दिन पहले अनपरा डी में ही एक अधिकारी की रेलवे ट्रैक पर गिरकर मौत हो गयी थी और बुधवार को परियोजना में हादसे ने सरकार को फिर से एक बड़ा झटका दिया है ।

योगी सरकार के द्वारा बिजली को लेकर तमाम दावे भले ही किये जाते हैं मगर लगातार परियोजनाओं में हो रहे हादसों ने सरकार के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है ।
अभी योगी सरकार पीएफ घोटाले से उबर भी नहीं पाई कि पतियोजना में हो रहे हादसे ने बीजेपी विधायक व उनके नेताओं को मुखर कर दिया । ओबरा से बीजेपी विधायक संजीव गोड़ ने भी माना कि परियोजना में दुर्व्यवस्था है और इसके लिए वे ऊपर अवगत कराकर कार्यवाही कराने का काम करेंगे।

लेकिन सवाल यह उठता है कि विधायक जी को भी यह दुर्व्यवस्था तब दिखी जब घटना घटित हो गयी और करोड़ों का नुकसान हो गया ।

इतना ही नहीं ऊर्जा नगरी के नाम से जाना जाने वाले इस क्षेत्र में इलाज की कोई बड़ी सुविधा तक नहीं है यहां तक एम्बुलेंस का भी टोटा है । किसी घटना के बाद लोगों को बेहतर इलाज के लिए 200 किमी0 दूर वाराणसी जाना पड़ता है ।
इस संबंध में पूछे जाने पर बीजेपी विधायक ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है कि यहां एम्बुलेंस हैं कि नहीं। खुद को फंसते देख विधायक गोलमोल जबाब देने लगे ।

वहीं इस पूरे घटना को लेकर बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष ओंकार केसरी ने भी सरकारी अधिकारियों पर सवाल खड़ा करने के साथ यहां तक कह दिया कि हर महीने हो रहे हादसे को लेकर सरकार को सोचने की जरूरत है क्योंकि व्यक्ति की जिंदगी महत्वपूर्ण है । जरूरत हो तो पहले इसे बन्द कर सुधारा जाय फिर चलाया जाय । क्योंकि लगातार हादसे हो रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए कि किसकी कमी से यह सब हो रहा है ।

बहरहाल योगी सरकार में बिजली परियोजनाओं के अधिकारियों की मनमानी व लापरवाही एक बार फिर सामने आई है और इस बार खुद बीजेपी के विधायक व नेता इसे मुद्दा बना रहे हैं । ऐसे में सरकार क्या कदम उठाती है यह देखने वाली बात होगी ।



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