ट्रम्प ने लगाए प्रदूषण के मुद्दे पर भारत और चीन पर गंभीर आरोप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को प्रदूषण के मुद्दे पर भारत और चीन पर गंभीर आरोप लगाए। ट्रम्प ने इकोनॉमिक क्लब ऑफ न्यूयॉर्क में कहा- चीन और भारत जैसे देश अपने औद्योगिक संयंत्रों और धुएं के ढेर से हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। वे समुद्र में कचरा छोड़रहेहैं,जो बहकर लॉस एंजिल्स आ रहा है। यह वहां पहले से मौजूद समस्याओं में इजाफा कर रहा है।

ट्रम्प ने कहा- जलवायु परिवर्तन एक जटिल मुद्दा है। आप चाहे विश्वास करें या न करें मगरमैं कई मामलों में एक पर्यावरणविदहूं। मैं इस ग्रह पर सबसे साफ हवा और पानी चाहता हूं। उन्होंनेकहा- पेरिस जलवायु समझौता एकपक्षीय, भयानक और आर्थिक रूप से अनुचित थाइसलिए अमेरिका इस समझौते से अलग हो गया।

ट्रम्प के मुताबिक,इससे अमेरिकी रोजगार की हत्या हुई।विदेशी प्रदूषकों का बचाव हुआ। इसके तहत कहा गया कि अपने व्यापार तीन साल के अंदर बंद करो। किसी प्रकार का ड्रिल न करें। हमें ऊर्जा नहीं चाहिए। ये समझौता अमेरिका के लिए एक मुसीबत था। इससे अमेरिका को ‘ट्रिलियन्स ऑफ डॉलर’ का नुकसान होता।

सारे सवाल अमेरिका से किए जाते हैं: ट्रम्प

अमेरिकी राष्ट्रपति ने जलवायु परिवर्तन पर किए गए सवाल के जवाब में कहा किहमारे पास जमीन का एक छोटा टुकड़ा है, यूनाइटेड स्टेट्स। आप इसकी तुलना विशाल देश चीन, भारत और रूस से कर रहे हैं। भारत जैसे देश विकासशील हैं, इसलिए उन्हें हम पैसे दें। ऐसे में मुझे लगता है कि यहकहूं कि हम भी विकासशील हैं। इन देशों से कोई सवाल नहीं करता, सारे सवाल अमेरिका से किए जाते हैं।



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