ओबरा में खुले सरकारी अस्पताल, संगठनों ने की बैठक

13 नवम्बर 2019

कृपाशंकर (संवाददाता)

-हस्ताक्षर अभियान चलाकर मुख्यमंत्री को भेजा जायेगा पत्रक

ओबरा। ओबरा में सरकारी अस्पताल का तत्काल निर्माण करने और निर्माणाधीन ओबरा ‘सी‘ समेत खनन क्षेत्रों में लगे प्लांट के कारण हो रहे प्रदूषण की रोक थाम के लिए सुबह और शाम को सड़़क पर पानी का छिड़कांव सुनिष्चित करने की मांग आज ओबरा में हुई कई संगठनों की बैठक में उठायी गई। ठेका मजदूर यूनियन के कार्यालय पर हुई बैठक में इन मुद्दों पर हस्ताक्षर अभियान चलाने और मुख्यमंत्री को इस सम्बंध में पत्रक भेजने का निर्णय हुआ।
बैठक में लिए राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया कि बड़े औद्योगिक केन्द्र ओबरा जिसके आसपास जुगैल, पनारी, फफराकुण्ड, बिल्ली जैसे आदिवासी-दलित अति पिछड़े इलाके हैै। इन इलाकों के लोगों को आज भी इलाज के लिए ओबरा शहर खटिया पर लादकर लाना पड़ता है। दुखद यह है कि लाखों की आबादी वाले इस शहर और इसके इर्द गिर्द रहने वाली ग्रामीण आबादी के लिए कोई सरकारी अस्पताल नहीं है। ओबरा शहर में सरकारी अस्पताल तक न होने के कारण इस क्षेत्र के लोगों को इलाज नहीं मिल पाता और वह बेमौत मरने के लिए अभिशप्त होते है।

हालत इतनी बुरी है कि इस क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना में पंजीकृत करके सरकार ने करोड़ों रूपए जमा करा लिए पर उन मजदूरों को आज तक चिकित्सा सुविधा नहीं मिली। यहां कि हवा, पानी, आकाष तक जहरीला हो चुका है। जिसकी रोकथाम के लिए एनजीटी से लेकर भारत सरकार के कई आदेष तक हुए है। मात्र पानी के छिड़कांव से यहां के वातावरण में उड़ रही धूल को रोका जा सकता है और काफी हद तक पर्यावरण की रक्षा की जा सकती है। लेकिन यह छोटा सा काम भी नहीं हो पा रहा है।
बैठक की अध्यक्षता दुर्गा प्रसाद ने और संचालन स्वराज अभियान के नेता राहुल कुमार यादव ने की। बैठक में स्वराज अभियान नेता दिनकर कपूर, अरूण मौर्य, तीरथराज यादव, धुव्नारायन राय, चंद्रशेखर पाठक, बिल्ली के पूर्व प्रधान रामवृक्ष यादव, रमेश सिंह खरवार, भुवनेष्वर देवगन, सुशील यादव ने सम्बोधित किया।



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