हाथियों का उत्पात : हाथियों के हमले में युवक की गई जान, हड़कम्प

ख़्वाजा खान (संवाददाता)

फारेस्ट टीम की मौजूदगी में हुआ हमला।

ग्रामीण दिन रात रहने लगे दहशत में।

अपनी सुरक्षा को लेकर सता रहा डर।

सुरक्षा का नही है कोई पुख्ता इंतजाम।

जिंदगी जी रहे भगवान भरोसे।

बभनी। स्थानीय थाना क्षेत्र व वन रेंज बभनी के छः0ग0से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली हाथियों ने दो हफ्ते से उतपात मचा रखा है।दर्जनों ग्रामीणों के मकान तोड़ने के साथ साथ सैकड़ो बीघा फसलों को बर्बाद कर चुके हैं जिससे सरहदी क्षेत्र के ग्रामीणो में काफ़ी दहशत है। अबतक तो सिर्फ हाथियों ने फसलों व घरों को ही क्षति पहुंचाया था। लेकिन रविवार की रात्रि करीब 2,30बजे हाथियों ने एक 30वर्षीय युवक की ज़िंदगी ले ली । ग्रामीणों के कथनानुसार हाथियों का झुण्ड रम्पाकुरर पहुँचा था जिसे फारेस्ट की टीम ने खदेड़ा तो हाथियों का झुण्ड छः0ग0 जाने के बजाये घूम कर डुमरहर के नेतीयांन टोला पहुँचा और वहाँ फसलों को बर्बाद करना शुरू किया फारेस्ट की टीम हाथियों के पीछे नेतियांन टोला पहुँची और हाथियों को भगाने का प्रयास कर रही थी। हाथी जिस जगह पे फसल रौद रहे थे वहीं सटे मकान में एक परिवार डरा सहमा पड़ा था ग्रामीणों ने बताया कि फारेस्ट टीम में छ0ग0 के स्टॉप भी मौजूद थे।जिस वक्त युवक के साथ हादसा हुआ फारेस्ट का एक जवान एक घर के छप्पर के ऊपर चढ़ कर टार्च से हाथियों को देख रहा था कि उसी वक्त कुछ ग्रामीण उस घर की ओर जाने लगे जिसमें एक परिवार अन्दर पड़ा था मौके पे मौज़ूद ग्रामीणों ने बताया कि जैसे ही कुछ ग्रामीण उस घर की ओर बढ़ रहे थे की झुण्ड से कुछ दूरी पर एक विशाल हाथी, झुण्ड की रखवाली कर रहा था जिसकी भनक ग्रामीणों को नहीं लगी और उस विशाल काय हाथी नें ग्रामीणों पे हमला कर दिया जिसकी ज़द में एक युवक आ गया और उसे उस हाथी नें पटक पटक कर मार डाला। इस घटना को घटते ही ग्रामीणों में क़ोहराम मच गया ग्रामीणों ने बताया कि युवक के साथ जैसे ही यह घटना घटी फारेस्ट की टीम युवक का शव देखने के बाद फ़ौरन वहाँ से भाग निकली इस बात को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश ब्याप्त है। वही हाथी के हमले के समय भगदड़ में एक शख्स कुएं में गिर गया था जिससे उसकी जॉन बच गई वरना वह भी हाथी के हमले का शिकार हो गया होता।

ग्रामीणों ने बताया कि हम सब ग्रामीण फारेस्ट टीम के साथ थे उन्हें कम से कम हम लोगों के साथ तो रहना चाहिये था।आखिरकार इन उतापाती हाथियों ने अब जॉन भी लेना शुरू कर दिया अभी एक युवक की जान गई है मालिक जाने आगे ग्रामीणों पर अभी कितनी आफ़त आनी है बाकि है क्यूँ की हाथियों का झुण्ड अभी भी वही मौज़ूद है। ग्रामीण मृत युवक राजेंदर पुत्र शिवबरन उम्र करीब 30वर्ष के शव को वहीं अरहर के खेत में ही छोड़ कर अपनी जॉन बचा कर भागे पड़े हैं उन्हें यह डर सता रहा है कि नजाने अब हाथियों का झुण्ड किस तरफ़ का रुख करेगा। और अगला किसका नंबर है। घटना की सुचना मिलते ही पुलिस क़रीब 4,15 बजे भोर में मौके पर पहुंच गई। इस मौके पर गुड्डू,रामप्रताप,रामदास,सोनसायशमीउल्ला,रामबलि ,रामप्रसाद,आदि सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!