इस्लाम मजहब के बानी हजरत मुहम्मद साहब के पैदाइश दिन पर निकला जुलूस,मांगी अमन चैन की दुआएं

धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)

-खुदा ने आदमी को उम्दा तालीम देकर नेक इंसान बनाने के लिए हजरत रसूल उल्लाह मोहम्मद सल्लाह औह-आलै वसल्लम को भेजा था जमीं पर

विंढमगंज। बारावफात यानि ईद मिलादुन्नवी। स्थानीय कस्बे में स्थित जामा मस्जिद से आज सुबह लगभग 8:00 बजे अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर सुहेल खान के नेतृत्व में बारहवफात का जुलूस निकला। जुलूस में लोग “नारे तकबीर अल्लाह हू अकबर” व नात शरीफ पढ़ते हुए जुलूस धीरे-धीरे रांची रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर बढ़ा। जुलूस थाने के पास स्टेशन रोड जाने वाली रास्ते के पास से पुनः जुलूस बूटबेढवा ग्राम पंचायत भवन के पास की पीसीसी गली से होते हुए अपर बाजार, सब्जी मंडी, रामलीला ग्राउंड, बैंक रोड, मां काली रोड होते हुए पुनः मुडीसेमर ग्राम पंचायत रोड से बंधु नगर मोहल्ला होते हुए कोन मोड़ तिराहे के पास से गुजरते हुए मस्जिद में पहुंचा।

मस्जिद में जुलूस में भाग लिए हुए आवाम को संबोधित करते हुए मौलाना रुस्तम ने कहा कि आज के दिन मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम की पैदाइश का दिन है ।इन्हीं के पैदाइश की खुशी में जलसे व जुलूस मुनक्के किए जाते हैं। इस दौरान सरफराज अहमद, सुहेल अहमद, शकील अहमद, अली अकबर ,रफीक अहमद, मोहम्मद शाहरुख, मोहम्मद रुस्तम अली, मोहम्मद असलम, मुमताज अहमद, आरिफीन अंसारी, शमीम अहमद ,रहीमुद्दीन अंसारी, मंसूर अहमद, जुबेर अहमद, खुर्शीद अहमद, तुफैल खान, मुजीब अहमद खान, इम्तियाज अहमद खान, सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

वहीँ महुली में

हज़रात मोहम्मद साहब के जन्मदिन का जुलूस बहुत ही शांतिपूर्ण ढंग से निकली गई। हजरत मोहम्मद साहब का जन्म ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े ही अकीदत के हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। जुलूस में लोगों की भारी भीड़ रही। महुली सदर कलामुदीन ने सम्बोधित करते हुए कहा कि हजरत मोहम्मद साहब ने भाई को भाई का रिश्ता बताया, इंसान को जीने का सलीका सिखाया।वही सुरक्षा व्यवस्था के लिए विन्ढमगंज थाने के दरोगा रविंद्र प्रसाद पीएसी बल के साथ मौजूद रहे।


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