डेडलाइन नजदीक आते ही महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज, गडकरी कर सकते हैं मध्यस्थता

महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन के लिए तय डेडलाइन जैसे-जैसे करीब आ रही है, सियासी हलचल तेज होती जा रही है। राष्ट्रपति शासन से बचने के लिए बीजेपी ने आखिरी बचे कुछ घंटों में अंतिम प्रयास शुरू कर दिया है। संकटमोचक माने जाने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मुंबई पहुंच गए हैं। उधर, शिवसेना और कांग्रेस बैठकों के जरिए मंथन में जुटी हैं। शिवसेना विधायकों को बांद्रा के होटल से शुक्रवार को दूसरे होटल में शिफ्ट किया जाएगा। पार्टी ने अभी यह कदम उठाए जाने की वजह नहीं बताई है। इस बीच, कांग्रेस ने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने कहा कि भाजपा ने शिवसेना विधायकों को खरीदने के लिए ऑफर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कुछ कांग्रेस विधायकों से भी बात की थी ।

सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शुक्रवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर सकते हैं। इसके बारे में पूछने परराउत ने कहा, ‘‘गडकरी जी का घर मुंबई के वर्ली में है। उन्हें यहां आने से कोई नहीं रोक सकता। अगर उनके पास शिवसेना को ढाई साल मुख्यमंत्री पद देने का कोई खत हो तो यह जानकारी में उद्धवजी को दे दूंगा। ’’शिवसेना ने साफ कर दिया कि शुक्रवार यानी आजवह राज्यपाल से मुलाकात नहीं करेगी। राउत ने कहा कि हम राज्यपाल के अगले निर्णय का इंतजार करेंगे।

बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे पार्टी के जिलाध्यक्षों से भी मुलाकात करने वाले हैं। इसके बाद वह शिवसेना कार्यकर्ताओं को संबोधित कर सकते हैं। इस बीच संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में सरकार गठन के विकल्प पर कहा, ‘काम चल रहा है…जोर से चल रहा है।’

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस ने आज अपने नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक बुलाई है। यह बैठक ऐसे समय बुलाई गई जब इन विधायकों को जयपुर ले जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट और अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि सभी 44 कांग्रेस विधायक बैठक में भाग लेंगे जिसमें महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी। सूत्रों ने कहा कि पार्टी अपने विधायकों के दलबदल की आशंका के कारण सावधानी बरत रही है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि कांग्रेस विधायकों को जयपुर ले जाया जा सकता है। शिवसेना के विधायकों को गुरुवार को ही बांद्रा के रंगशारदा होटल में शिफ्ट कर दिया गया था।

महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को समाप्त हो रहा है। लेकिन बीजेपी और शिवसेना के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें होने के बावजूद सत्ता-बंटवारे को लेकर आपस में ठनी हुई है। बीजेपी के पास सबसे अधिक 105 सीटें हैं। बीजेपी नेताओं ने गुरुवार को राज्यपाल बी एस कोश्यारी से मुलाकात की लेकिन सरकार बनाने का कोई दावा नहीं किया। फिलहाल स्थिति साफ नहीं है कि आखिर महाराष्ट्र में सरकार किसकी और कैसे बनेगी।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!