भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र के घमण्ड व सुदामा की दरिद्रता दूर कर समाज को आदर्श के मार्ग बताया : सन्त विकलानन्द जी

कुलदीप यादव (संवाददाता)

कमालपुर । चन्दौली धानापुर विकाज़ खण्ड के रामरूपदासपुर गांव में पांडेय परिसर में चल रहे श्री मद्भागवत कथा के दूसरे दिन गुरुवार को उपस्थित भक्तो को कथा का रसपान कराते सन्त श्री विकलानन्द जी महाराज ने कहा की श्री मद्भागवत में भगवान श्री कृष्ण का चरित्र जो वर्णित है।लौकिक व पारलौकिक दोनो समस्याओ का समाधनहै ।भौतिक व अभौतिक दोनो समस्याओ का समाधान करता है।भगवान ने इंद्र के घमण्ड व ब्रह्मा के अहंकार को समाप्त कर उपदेश दिया है।अहंकार मनुष्य को पदनोमुख करता है।ईश्वर को दूर करता है। प्रभु को विनम्रता व निष्काम प्रेम पसन्द है। वही इन्द्र के घमंड व सुदामा के दरिद्रता दूर करके समाज मे अच्छे विचार को बताया।

इस अवसर पर त्रिवेणी शंकर ,त्रिभुवन पांडेय, उमाशकर, बंटी पांडेय, पंकज , भैरवनाथ पांडेय, अधिवक्ता सजय पांडेय सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।



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