Friday, November 15, 2019 - 09:40 PM
राष्ट्रीय न्यूज़विदेश

भारत के नए नक्शे को लेकर पाकिस्तान ने जारी किया बयान, कहा- पाकिस्तान इन राजनीतिक मानचित्रों को खारिज करता है

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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अलग केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भारत सरकार ने शनिवार को देश का नया नक्शा जारी किया। भारत के नए नक्शे को लेकर पाकिस्तान ने बयान जारी किया है ।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान गिलगिट-बाल्टिस्तान और उसके कब्जे के कश्मीर के अन्य हिस्सों को भारतीय अधिकार क्षेत्र में दिखाने वाले जम्मू-कश्मीर के नए राजनीतिक मानचित्र को खारिज करता है ।

भारत के नए नक्शे में जम्मू-कश्मीर के पूर्ववर्ती राज्य के विभाजन को दर्शाया गया है ।लद्दाख में दो जिले करगिल और लेह शामिल हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में 20 जिले शामिल किए गए हैं ।

सरकार की गजट अधिसूचना के मुताबिक, कारगिल के वर्तमान क्षेत्र को छोड़कर लेह जिले के क्षेत्रों गिलगिट, गिलगित वजारत, चिलास, जनजातीय क्षेत्र, लेह और लद्दाख को शामिल किया है।

रविवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जारी कर कहा, “भारत द्वारा 2 नवंबर को जारी किया गया मानचित्र गलत, कानूनी रूप से अवैध और अमान्य है और यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्तावों का पूरी तरह से उल्लंघन है । पाकिस्तान इन राजनीतिक मानचित्रों को खारिज करता है जो संयुक्त राष्ट्र के मानचित्र से मेल नहीं खाते हैं ।

बयान में कहा गया, हम इस बात को दोहराते हैं कि भारत द्वारा उठाया गया कोई कदम जम्मू-कश्मीर की ‘विवादित क्षेत्र’ की स्थिति को बदल नहीं सकता है । भारत सरकार का ऐसा कोई भी कदम जम्मू-कश्मीर के लोगों से उन्हें संयुक्त राष्ट्र से मिले स्व-संकल्प का अधिकार नहीं छीन सकता है ।

पाकिस्तान ने अपने बयान में कहा कि वह कश्मीर के लोगों के संघर्ष को अपना समर्थन देना जारी रखेगा ।

बता दें कि 5 अगस्त को भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म कर दिया था । मोदी सरकार ने लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया और जम्मू-कश्मीर को दिल्ली की तर्ज पर बना दिया गया जहां विधानसभा तो होगी लेकिन लेफ्टिनेंट गवर्नर होगा और ज्यादातर अधिकार उसी के पास होंगे ।

पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर तमाम देशों से कूटनीतिक समर्थन हासिल करने की अपनी कोशिश में नाकाम रहा है । यहां तक कि इमरान खान के कश्मीर मुद्दे को इस्लामिक मुद्दा बनाने की पुरजोर कोशिशों के बावजूद उन्हें मुस्लिम देशों का भी समर्थन नहीं मिला।

मोदी सरकार के इस फैसले के बाद अब चर्चा पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) की तरफ मुड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली के मौके पर कहा कि पाकिस्तान ने अवैध रूप से कश्मीर के एक हिस्से पर कब्जा कर रखा है जिसकी कसक उनके मन में बनी हुई है ।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने भी अपने एक बयान में कहा था कि पहले हम कश्मीर की बात करते थे, अब हम मुजफ्फराबाद (पीओके) को बचाने की योजना बनाने लग गए हैं ।

मोदी सरकार के लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के कदम के बाद पाकिस्तान के साथ-साथ चीन की भी नींद उड़ गई है । चीन ने इस फैसले को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया था ।दरअसल, चीन का कश्मीर के एक बड़े हिस्से अक्साई चिन पर कब्जा है जो लद्दाख के ठीक पूर्व में स्थित है । लेकिन अब लद्दाख पर सीधे तौर पर केंद्र सरकार का शासन होगा जो चीन के लिए परेशानी का सबब बन गया है ।

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