धर्म की स्थापना को भगवान लेते है औतार

विनोद कुमार (संवाददाता)

शहाबगंज । अमांव में चल रहे नौ दिवसीय संगीतमय श्रीरामकथा के चौथे दिवस में कथा व्यास श्री रामानुज शरण शास्त्री जी ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब जब पृथ्वी पर अधर्म का विस्तार होता है गौ रक्षकों और धर्म पर अत्याचार होता है तब तब प्रभु किसी ना किसी रूप में अपने श्रीधाम को छोड़ कर धरा पर आकर,भक्तों पर हो रहे अत्याचार से मुक्त करते हैं l भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने अवतार लेकर रावण के अत्याचार से धरा धरा को मुक्त तो कराया ही साथ ही उन्होंने जन जीवन में प्रेम संस्कार और मर्यादा की स्थापना अपने क्रिया और लीलाओं के माध्यम से किया l उन्होंने कथा को आगे बढ़ाते हुए कहां किसके साथ कौन सा व्यवहार करना चाहिए ऐसा प्रभु ने स्वयं कर के बताता।

इस दौरान कुंज बिहारी, सुनील चौहान, डा० राजू,गया यादव, मिथिलेश कुमार, अभिषेक, श्याय सुन्दर, सूर्यभान, सुनिल गुप्ता, राजन सिंह, अरविन्द सिंह, अनुराग, विकास गुप्ता, बटेश्वर यादव, कमलेश, हौशिला यादव सहित आदि कथा प्रेमी उपस्थित रहे।



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