हाथियों के आतंक से ग्रामीणों की उड़ी नींद, रात बाहर बिताने को मजबूर

भास्कर चतुर्वेदी (संवाददाता)

■ रम्पाकुरर, मगरमाड़, नवाटोला, शीशटोला के ग्रामीणों मे दहशत

■ रात होते ही जंगलों से गांव की तरफ आ जाते हैं हाथी

■ वन विभाग की टीम हाथियों को खदेड़ने मे नाकाम

■ जंगलो में हाथियों की गर्जना से थर्रा रहे क्षेत्र के लोग

■ मंधारी, मानसिह, हुब लाल के घरों को नुकसान

आसनडीह । पांच दिनो से हाथियों का झुण्ड क्षेत्र मे आतक मचाए हुए है । ग्रामीणों और वन विभाग के लिए बडी समस्या है । हाथी साम होते ही गाव घुस कर ताडव कर रहे है । रविवार की साम को हाथियों का दल गाव मे घुस गया और मंधारी, मानसिह, हुब लाल का घर गिरा दिया और घरो मे रखा महुआ, मक्का, धान खा गये । इसके साथी ही फसलों को भी क्षति पहुचाया। भयभीत हो ग्रामीण छोटे छोटे मासुम बच्चो के साथ घर छोड रात होते ही अन्यत्र चले जा रहे है।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मदद की गुहार लगायी है।

वन विभाग ग्रामीणों की मदद से हाथियों को जंगलो से भगाने मे जुटा है तीन वन रेंज के अफसर पुरी रात हाथियों को भगाने मेजुटे है। इस दौरान मान सिह, कामेश्वर, अनुराग, सुखनारायण, हुबलाल रामेश्वर, रामलखन जगसाय, लाल शाय अहिबरन, रामसुभाग राम लखन की अरहर, धान,सरसो की फसलों को भारी नुकसान पहुचाया है।

वही रविवार की रात मे हाथियों का झुण्ड सांय सात बजे मगरमाड गांव आ पहुचा और नाबालिग सिह,लालशाय, विमला देवी के घर में रखा धान, मक्का अरहर की फसल को रौद डाला और खटिया बर्तन को तोड फोड मचाते हुए घर गिरा दिया ।

जबकि लीलावती, जगसाय, सहदेव की फसल़ो को रौद डाला। हाथियों के आतंक से ग्रामीण रात होते ही घर छोड़ दे रहे है ।

बताया जा रहा कि हाथियों के दल मे दो बच्चे है बच्चे जिधर जा रहे है झुण्ड भी उधर घर मकान गिराते हुए पहुच जा रहा है। सोमवार की बभनी सहित म्योरपुर, जरहा रेज के अफसर अपनी टीम के साथ हाथियों को जगल के रास्ते छत्तीसगढ़ की सीमा तक भगाया । लेकिन हाथी सोमवार की रात करमघट्टी गाव मे घुसने की सुचना मिली है। इस दौरान करमघट्टी ग्राम प्रधान रामकुमार सहित भवर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि वितेन्द्र कुमार सहित बभनी वनक्षेत्रधिकारी अवध नारायण मिश्रा, जरहा वनक्षेत्रधिकारी दिनेश कुमार, म्योरपुर रेज के वन क्षेत्राधिकारी मौजुद रहे।

प्रधानो के शरण मे रात गुजार रहे हैं ग्रामीण

बभनी क्षेत्र के करघट्टी ,मगरमाड़ के सैकडों ग्रामीण प्रधान के सहयोग से तीन दिन से.प्रधानों के घरों पर डेरा डाले है। जगलों के किनारे बसे आदिवासी बीते दिन दिन से घर होते हुए भी बेघर होकर रात गुजरने को विवस है सोमवार की रात करमघट्टी गाव मे हाथियों का झुण्ड घुस गया जिस कारण भय से सैकडो लोग प्रधान के घर रात गुजारे। इस दौरन भवर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि वितेन्द्र कुमार के द्वारा भी पहाडो के नीचे बसे मासुम बच्चो को सुरक्षित स्थान पर पहुचाया गया । हाथियों के आतंक से रात गुजाराना भारी पड रहा है। ग्रामीणों की माने तो हाथियों का दल छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे घने जंगलों में दिन बीताते हैं।और रात होते ही गावों में घुस आतंक मचाते हैं।सोमवारकी रात्रि को भी हाथियों का दल गांव में घुसा था लेकिन पहले से सतर्क वनकर्मी व ग्रामीणों ने उन्हें जंगल की ओर खदेड़ दिया । ग्रामीणो ने जिलाधिकारी से जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

ट्रैक्टर का टायर जलाकर रात गुजारे सैकड़ों ग्रामीण

हाथियों के झुण्ड से भमभीत ग्रामीण सोमवार की रात हाथियों की चिघ्घड सुनते ही घर छोड ग्राम प्रधान के घर पहुच गये और मासुम बच्चो के साथ वही रात गुजारे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि वितेन्द्र कुमार ने बताया की ट्रेकटर का टायर जला कर सभी को सुरक्षित किया गया । आतंक से सभी भमभीत है।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!