Friday, November 15, 2019 - 09:42 PM
विदेश

दुनिया का कुख्यात आतंकी अबु बकर अल बगदादी भी नहीं टिक सका डेल्टा फोर्स के सामने

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फाइल फोटो

तुर्की सीमा के नजदीक इडलिब प्रांत में बारिशा गांव में रात के अंधेरे में आठ अमेरिकी हेलिकॉप्टरों में डेल्टा फोर्स के जवान उतरे । कुछ ही देर बाद अमेरिका की बेहद खतरनाक डेल्टा फोर्स दुनिया के कुख्यात आतंकी अबु बकर अल बगदादी के कंपाउंड में पहुंच चुकी थी । डेल्टा फोर्स से बचने के लिए बगदादी ने सुरंग में दौड़ लगाई लेकिन सुरंग का रास्ता खत्म होने पर उसने खुद को ही आत्मघाती जैकेट से उड़ा लिया। जो दुनिया में खुद आतंक और खौफ का पर्याय था, डेल्टा फोर्स ने उसे ही डरने पर मजबूर कर दिया । आइए जानते हैं डेल्टा फोर्स जिसे केवल नामुमकिन माने जाने वाले ऑपरेशनों में ही उतारा जाता है ।

अमेरिका की डेल्टा फोर्स के लिए खतरनाक शब्द भी बहुत छोटा पड़ जाता है । डेल्टा फोर्स के सैनिकों की ट्रेनिंग इतनी मुश्किल होती है कि आम इंसान इसके बारे में सोच भी नहीं सकता है ।

फाइल फोटो

अमेरिकी आर्मी की शीर्ष कमांडो यूनिट के लिए प्रवेश प्रक्रिया बेहद ही मुश्किल होती है । रात के अंधेरे में उबड़-खाबड़ जंगल में भारी-भरकम बोझा लेकर 40 मील की दौड़ लगानी पड़ती है जिसमें हर एक टारगेट पूरा करने पर 50 पाउंड का वजन बढ़ता जाता है । यही नहीं, इस जॉब के आवेदन के लिए भी आपको पहले एक एयरप्लेन से कूदने में महारत हासिल होनी चाहिए ।इनसाइड डेल्टा फोर्स किताब में लेखक एरिक हेने ने ऐसे कई हैरतअंगेज अनुभव शेयर किए हैं।

आतंकवाद निरोधी दस्ता डेल्टा फोर्स 1980 से ही कई खतरनाक ऑपरेशनों को अंजाम दे चुकी है। ग्रेनेडा में राजनीतिक बंदियों को छुड़ाना हो या आईएसआईएस के आतंकियों का सफाया हो, सोमाली का युद्ध लड़ना हो या फिर इराकी मिसाइलों को शिकार बनाना हो, डेल्टा फोर्स ने हर जगह झंडे गाड़े हैं । डेल्टा फोर्स के उन मिशनों का तो अंदाजा ही नहीं लगाया जा सकता है जिन्हें आज तक गोपनीय रखा गया है.

डेल्टा फोर्स के अस्तित्व को अमेरिकी सरकार आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं करती है। हालांकि, इसके पूर्व सदस्य कई किताबें लिख चुके हैं और इन पर फिल्में भी बनाई जा चुकी हैं ।

डेल्टा फोर्स की स्थापना कर्नल चार्ल्स बेकविद ने की थी । बेकविद ने 1960 के दौरान ब्रिटिश स्पेशल एयर सर्विस में एक्सचेंज ऑफिसर के तौर पर मलेशिया में कम्युनिस्ट गुरिल्ला के खिलाफ सफलतापूर्वक ऑपरेशन चलाया था । बेकविद जंगलों में एक ऑपरेशन के दौरान बैक्टीरियल इन्फेक्शन से मरते-मरते बचे थे जबकि वियतनाम में .50 कैलिबिर की गोली खाने के बाद भी अपनी जिजीविषा से मौत को मात दे दी थी । इन्हीं अनुभवों ने बेकविद को तपाकर मजबूत कर दिया था और फिर उन्होंने ही क्यू कोर्स की नींव रखी, जिसे आज अमेरिका की ग्रीन बेरेट स्पेशल ऑपरेशन फोर्स को ट्रेनिंग देने में इस्तेमाल किया जाता है ।

बेकविद का मानना था कि एक ऐसी टीम होनी चाहिए जो शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद मजबूत हो और फील्ड में स्वतंत्र तौर पर काम करने में सक्षम हो । बेकविद चाहते थे कि इसमें केवल अनुभवी अधिकारी और नॉन कमीशन्ड ऑफिसर्स ही हो जो पहले ही युद्धक्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर चुके हों ।वर्तमान में बेकविद के विजन को पूरी तरह से डेल्टा फोर्स में लागू किया गया है । डेल्टा ऑपरेटर ट्रेनिंग कोर्स क्वालिफाई करने के लिए भी आपके पास कई कामों का अनुभव होना चाहिए । इसके अलावा, पैराशूट ऑपरेट करने की क्षमता और सीक्रेट सिक्योरिटी क्लीयरेंस भी अनिवार्य है ।

इन पैमानों का मतलब है कि डेल्टा फोर्स में अधिकतर ट्रेनी अमेरिकी आर्मी के दो खास ऑपरेशन दलों 75वीं रेंजर रेजिमेंट और ग्रीन बेरेट से ही पहुंचते हैं । ऑपरेटर ट्रेनिंग कोर्स में बंधकों को छुड़ाने के लिए बेहद कठिन ट्रेनिंग दी जाती है ।सिविलियन बिल्डिंग, एयरलाइनर और युद्धपोत में जवानों को बंधकों को छुड़ाने की प्रैक्टिस कराई जाती है । डेल्टा ट्रेनी बम बनाने की भी तकनीक सीखते हैं। इन्हें सीआईए से जासूसी की कला भी सिखाई जाती है । इन ट्रेनियों में से कुछ चुनिंदा लोग ही शामिल हो पाते हैं ।

बेकविद के नेतृत्व में1979 में ईरान स्थित अमेरिकी दूतावास से कैदियों को छुड़ाने के लिए डेल्टा मिशन ऑपरेशन ईगल क्लॉ चलाया गया था । एक हेलिकॉप्टर टैंकर से ईंधन भरने के वक्त क्रैश हो गया और इस तरह से दुश्मनों का सामना करने से पहले ही हेलिकॉप्टरों में आग लग गई और इसमें 8 लोग मारे गए । वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, 2009 में इराक में अमेरिकी मिशन के अंत तक इराक युद्ध में घायल हुए डेल्टा के आधे से ज्यादा ऑपरेटरों को पर्पल हार्ट्स से सम्मानित किया गया ।

डेल्टा फोर्स की कठिन और क्रूर कहलाने वाली ट्रेनिंग को जानबूझकर इस तरह से बनाया गया है ताकि खतरनाक और असंभव माने जाने वाले ऑपरेशनों में शामिल होने की हिम्मत और ताकत रखने वाले लोग ही इसमें पहुंच सके ।

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