रेलवे की नोटिस से फिर मचा हडकंप

घनश्याम पाण्डेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)

चोपन। बिते दिनों स्थानीय रेलवे प्रशासन द्वारा रेलवे के खाली पड़े जमीनों मे बिगत कई वर्षों से झुग्गी झोपड़ी बना कर रहे लगभग चालीस लोगों के आशियाने को ध्वस्त कर दिया गया था जिसके बाद नगर में हड़कंप मच गया अभी वे लोग उबर भी नहीं पाये थे कि बिते गुरुवार की देर शाम कैलाश मंदिर के सटे लगभग पैंतालीस लोगों को फिर नोटिस जारी कर दिया गया जिसके बाद हडकंप मच गया।

रेलवे द्वारा कैलाश मंदिर में बने लगभग एक दर्जन दुकानों पर भी नोटिस चस्पा कर दिया गया जिसके बाद लोगों ने शुक्रवार को जनपद में आये प्रभारी मंत्री से इस समस्या के बाबत अवगत कराया जिसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी को तत्काल संज्ञान लेने का आदेश दिया जिसके बाद जिलाधिकारी ने तत्काल मौके पर नायब तहसीलदार कानुनगो लेखपाल को मौके पर भेजकर नापी का आदेश दिये जिसके बाद कैलाश मंदिर पर नापी की गई इस दौरान रेलवे की तरफ से आईओडब्लू रतन शंकर भी मौजूद रहे।

नापी के पश्चात यह निर्णय लिया गया कि जब तक पक्की पैमाईश नही हो जाती तब तक कैलाश मंदिर की दुकानों पर रेलवे द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जायेगी जिसके बाद दुकानदारों ने राहत की सांस ली। वहीं आईवोडब्लू का कहना है कि जब तक पक्की पैमाईश नहीं होती है तब तक दुकानदारों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

नापी के दौरान पूर्व प्रधान लवकुश भारती ने कहा कि रेलवे पहले सत्यापन करवाये उसके पश्चात ही कोई कार्रवाई करे जिससे कि जो भी कार्रवाई हो निश्पक्ष हो। गौरतलब है कि रेलवे प्रशासन इन दिनों अपने जमीनों पर लोगों द्वारा अवैध कब्जे किये जाने को लेकर लगातार कार्यवाही कर रही है जिससे की पूरे नगर में हड़कंप मचा हुआ है वहीं वर्षों से रेलवे की खाली पड़ी जमीनों में जुग्गी झोपड़ी बना कर रह रहे लोग जिनके पास कोई जगह नहीं है खाली आसमान के निचे गुजर बसर करने को मजबूर हैं।बताते चलें कि लगभग एक सप्ताह पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जैन व ब्लाक प्रमुख बबली ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर नगर में बने कांशीराम आवास का सत्यापन कराके खाली पड़े आवासों को चिन्हित कर बेघर हुए लोगों को आवंटित करने की मांग की गई थी जिसके बाद अधीशासी अधिकारी द्वारा आवासों का निरिक्षण भी किया गया परंतु अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका।



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