Friday, November 15, 2019 - 09:41 PM
उत्तर प्रदेशसोनभद्र

मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन खरीद-फरोख्त में बड़ा घोटाला, लेखपाल निलंबित

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आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र देश के 115 अति पिछड़े जिलों में शामिल सोनभद्र चार राज्यों बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है। यहां के दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं बमुश्किल ही मयस्सर हो पाती हैं। वहीं एकमात्र जिला अस्पताल में स्टॉफ की भारी कमी के चलते जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है, जिससे लोगों को इससे काफी परेशानी होती है। खासकर यहां गाइकोनोलाजिस्ट न होने से महिलाओं को उपचार के लिए वाराणसी समेत अन्य जगहों की शरण लेनी पड़ती है। ऐसे में मेडिकल कालेज की स्थापना से सोनभद्र ही नहीं वरन पड़ोसी राज्यों के पास के गावों के लोगों के लिए भी वरदान साबित हो सकता है। लेकिन जनपद सोनभद्र में तो “सिर मुड़ाते ही ओले पड़ने की कहावत ” चरितार्थ हो रही है। सोनभद्र में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिला मुख्यालय के आस-पास मेडिकल कॉलेज बनाने की मंजूरी दी है। मेडिकल कॉलेज की मंजूरी मिलने के बाद इसके लिए प्रशासन ने जो जमीन खरीद की है, उसमें बड़ा घोटाला लेखपाल और कुछ काश्तकारों की सांठ-गांठ को डीएम एस0राजलिंगम ने पकड़ा है। फरियादियों ने कुछ दिन पूर्व जिलाधिकारी से गुहार लगाई थी कि लेखपाल द्वारा पहले से बिकी जमीन को पुनः मेडिकल कॉलेज के नाम पर रजिस्ट्री करवा दिया है। जिसकी जाँच कराने का आश्वासन जिलाधिकारी ने दिया था, जाँच में गड़बड़ी मिलने के बाद डीएम के निर्देश पर रौप गांव के लेखपाल विष्णु चंद्र दुबे को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें राजस्व निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। मामले की जाँच के बाद तहसीलदार विकास पांडेय जमीन खरीद में गड़बड़ी पाए जाने पर रौप के ग्राम प्रधान व उनकी पत्नी सहित चार के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया है।

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