Wednesday, November 13, 2019 - 08:16 AM
धर्म-कर्म

रमा एकादशी का व्रत बहुत ही होता हैं फलदायी,जानें

13

कार्तिक माह भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित है। कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष में जितने भी त्योहार आते हैं उनका संबंध किसी न किसी रूप में माता लक्ष्मी से होता है। मां लक्ष्मी की आराधना कार्तिक कृष्ण एकादशी से आरंभ हो जाती है। इस एकादशी को रमा एकादशी के रूप में जाना जाता है। माता लक्ष्मी का एक नाम रमा भी है। इसलिए इस एकादशी को रमा एकादशी कहा जाता है। यह चतुर्मास की अंत‌िम एकदशी है।
रमा एकादशी का व्रत बहुत ही फलदायी है। मान्यता है क‌ि इस एकादशी के पुण्य से सुख ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है और मनुष्य उत्तम लोक में स्‍थान प्राप्त करता है। इस व्रत को करने से जीवन में सुख समृद्धि की कभी कमी नहीं रहती है। रमा एकादशी का व्रत दशमी की संध्या से ही आरंभ हो जाता है। दशमी के दिन सूर्यास्त से पहले भोजन ग्रहण कर लेना चाहिए। एकादशी को प्रात: काल भगवान श्रीहरि विष्णु के पूर्णावतार भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा करें। इस दिन तुलसी पूजन करना शुभ माना जाता है। मां लक्ष्मी की लाल पुष्प से पूजा करनी चाह‌िए। अगले द‌‌िन द्वादशी को ब्राह्मण को भोजन कराने के पश्चात स्वयं भोजन ग्रहण करें। रमा एकादशी व्रत में रात्रि में भगवान का जागरण करें। यह व्रत सुख और सौभाग्य प्रदान करने वाला है।

नोट:
इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...