विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने विभिन्न समस्याओं को लेकर किया प्रदर्शन

कृपाशंकर पाण्डेय (संवाददाता)

ओबरा। स्थानीय तापीय परियोजना कॉलोनी में अधिकारी क्लब एक के पास ऊधम सिंह चौक पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों व सदस्यों ने कॉलोनीयो की सड़कों की दुर्दशा व इन मार्गों पर लाईट की कमी पर ध्यानाकर्षण हेतु विरोध प्रदर्शन/सभा एवं चक्का जाम किया । इस अवसर पर ओबरा तापीय परियोजना में सक्रिय समस्त श्रम संगठनों के अतिरिक्त भारी संख्या में कॉलोनी वासी भी उपस्थित रहे एवं नगर में शाम को बिजली एवं पीने के पानी की दुर्दशा पर रोष व्यक्त किया और स्थानीय प्रबंधन के खिलाफ नारे भी लगाया। इस दौरान बातचीत में वक्ताओं ने बताया कि पिछले लगभग तीन वर्षों से संघर्ष समिति लगातार ओबरा में सड़क, बिजली एवं पीने के लिए शुद्ध पानी की समस्या को लेकर स्थानी प्रबंधन एवं उच्च प्रबंधन को पत्र लिखती रही है एवं व्यवस्था सुधार की मांग करती आ रही है किंतु बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद भी स्थानीय प्रबंधन द्वारा कर्मचारी हितों में कोई भी कार्य नहीं कराया जा रहा है।

ओबरा सी के निर्माण कार्य शुरू कराने से पूर्व सम्बंधित अधिकारीयों द्वारा भारी गाड़ियों के आवागमन के लिए सही रणनीति नहीं बनाई गयी जिसका परिणाम आज कॉलोनीवासी भुगत रहे हैं। परियोजना की ओर जाने वाले कॉलोनी का मुख्य मार्ग ओबरा सी के निर्माण कार्य आरंभ होने के पश्चात कॉलोनी की इन सड़कों से भारी वाहनों का बेरोकटोक आवागमन तेज गति से हो रहा है जिसके कारण कॉलोनी की सभी सड़कें ध्वस्त हो चुकी हैं सड़कों के आसपास रहने वाले कॉलोनीवासी शोर और धूल गर्द से त्रस्त हैं। लोग दमा रोग से ग्रसित होते जा रहे हैं। इस मार्ग पर रेगुलर पानी का छिड़काव भी नहीं हो रहा है। रात्रि पाली में कार्य करने वाले कार्मिक शोरगुल के कारण दिन में भी अपने घरों में नहीं सो पा रहे हैं। सेक्टर 03 फ़िल्टर प्लांट से झरियानाला तक परियोजना के मुख्य मार्ग पर कंही भी लाईट की व्यवस्था नहीं है रात्रि पाली में विद्युत कर्मी अँधेरे में पॉवर हॉउस आते जाते हैं जिससे छिनैती व जंगली जीव जंतुओं के काटने का भय बना रहता है।

पूर्व में परियोजना के इस मार्ग पर दो-तीन एक्सीडेंट होने की वजह से कई लोगों की जाने भी गई हैं फिर भी प्रशासन मौन पड़ा हुआ है।कॉलोनी का मुख्य मार्ग जिस पर डिग्री कॉलेज,इण्टर कॉलेज,अन्य विद्यालय एवं अस्पताल स्थित है उस पर तीव्र गति से वाहनों के आवागमन से कॉलोनी व आस पास के लोग अपने स्वास्थ्य एवं जीवन सुरक्षा को दांव पर लगाकर चल रहे हैं। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने अपना कार्यभार संभालते ही प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने का आदेश दिया था इसके अलावा अभी दो दिन पहले भी मुख्यमंत्री द्वारा इसी प्रकार के आदेश पुनः जारी किए गए हैं किंतु ओबरा की स्थिति देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि ओबरा प्रदेश के बाहर है जहां मुख्यमंत्री का कोई भी आदेश लागू नहीं होता। अभी हाल ही में परियोजना चिकित्सालय से ताप विद्युत गृह के झरिया नाला गेट तक बनाई गई सड़क कई स्थानों पर टूट चुकी है अस्पताल के पीछे से लेकर फिल्ट्रेशन प्लांट तक सड़क इतनी सकरी है कि कभी भी कोई भीषण दुर्घटना हो सकती है। संघर्ष समिति ने सड़क के निर्माण एवं इतनी जल्दी इसके टूटने के कारणों की जांच की मांग भी की है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि आज का यह कार्यक्रम मात्र ध्यानाकर्षण के लिए किया गया है यदि पंद्रह दिनों के अंदर इस पर स्थानीय प्रबंधन द्वारा समुचित कार्यवाही करते हुए स्थितियों में आवश्यक सुधार नहीं लाया गया तो एक वृहद जन आंदोलन करते हुए ओबरा में सभी भारी वाहनों व टिपरों के प्रवेश पर रोक लगाने का कार्य किया जाएगा और इसके लिए पूर्णतया स्थानीय प्रबंधन व् जिला प्रशासन उत्तरदाई होगा।
इस अवसर पर इं अदालत वर्मा, अजय कुमार सिंह, हरदेव नारायण तिवारी ,सुरेंद्र कुमार, शशिकांत श्रीवास्तव ,बीडी तिवारी, सत्यप्रकाश सिंह, इं अभय प्रताप सिंह, सतीश कुमार, शाहिद अख्तर तथा संघर्ष समिति के संयोजक बीडी विश्वकर्मा ने विरोध सभा को संबोधित किया सभा का संचालन योगेंद्र प्रसाद ने किया। विरोध सभा में इं अमित सिंह,,इं सन्नी गुप्ता,विनय दीक्षित,विजय प्रताप कुशवाहा,सम्राट मौर्य , विजय सिंह, मनीष कुमार श्रीवास्तव ,अंबुज सिंह , पशुपतिनाथ विश्वकर्मा,दिनेश यादव,रामकुमार ,अंजार ख़ान सहित सैकड़ों की संख्या में बिजली कर्मी उपस्थित रहे।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!