दुद्धी बंद के बाद सभा में जमकर निकाली भड़ास,उप कोषागार को लेकर आर पार की लड़ाई

रमेश यादव (संवाददाता)दुद्धी। उप – कोषागार दुद्धी को हटाए जाने के विरोध में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम तथा बाजार बंद के आह्वाहन पर नगर के व्यापार मंडल के व्यापारियों ने पूरा समर्थन रहा नतीजन यह रहा कि पूरा बाजार में ऐतिहासिक बंदी का असर दिखा।प्रतिष्ठानों के मालिक व्यापार मंडल अध्यक्ष अक्षयेबर नाथ के साथ आज के आंदोलन में कूद गए।अधिवक्ताओं संग ,व्यापार मंडल के लोगों अन्य संगठनों के लोगों ने सुबह के 9 बजते ही उप- कोषागार दुद्धी के सामने धरने पर बैठ गए घंटे भर धरना देने के बाद वहां से नगर जूलूस निकाला।नगर जुलूस में सैकड़ो की संख्या में लोग सीनियर ट्रेजरी अफसर , जिला प्रशासन होश में आओ ,उत्तर प्रदेश सरकार होश में आओ के नारेबाजी करते हुए संकट मोचन तिराहा होकर स्टेट बैंक के पास पहुँचा जहां से वापस हो बाजार भ्रमण करते हुए टाउन क्लब मैदान तक पहुँच कर वहां से पुनः कचहरी वापस होकर अनिश्चित कालीन धरना पर बैठ गए।धरने को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता व भाजपा नेता दिनेश अग्रहरी ने कहा कि यह बहुत ही शर्म की बात है कि जिला बनाने की मांग अरसे से चले आने के बावजूद अधिकारियों की षणयंत्रकारी नीति से यहां से उप कोषागार दुद्धी हटाये जाने की तैयारी है जिससे यहां विकास की गति पर अवरोध उत्पन्न हो स्टाम्प की कालाबाजारी बढ़ जाएगा।शासनादेश के मुताबिक ऐसे उप कोषागार जहां 5 करोड़ से कम की स्टाम्प की बिक्री हो उसे बंद कर मुख्यालय कोषागार में समाहित करने का आदेश सचिवालय से निर्गत हुआ है।लेकिन अगर हम दुद्धी में स्टाम्प की खपत की बात करें तो अकेले रजिस्ट्रार कार्यालय में भूमि के बैनामे में 15 करोड़ 72 लाख के लगभग स्टाम्प का प्रयोग हुआ है इसके अलावा वेंडरों से 100 , 50 ,10 का स्टाम्प भी करोड़ो रूपये का प्रयोग होता है।वह बात और है कि कमीशन और कालाबाजारी के चक्कर में एसटीओ सोंनभद्र से छोटे मूल्य के स्टाम्पों को उप कोषागार दुद्धी वर्षों से भेजा ही नही जाता।स्टाम्प की भरपूर पूर्ति ना कर उसें अन्य रास्तों से जिले से जारी किया जाता रहा है।षणयंत्र ही यह था कि यहां के कोषागार से वास्तविक बिक्री 5 करोड़ के ऊपर ना जाये और आज नतीजा सामने है।लेकिन मैं भी जिला प्रसाशन को अवगत कराना चाहता हूं कि चाहे पानी बरसे चाहे गोली चले हम अधिवक्ता यहां से किसी कीमत पर हटने वाले नही है।बार संघ अध्यक्ष कुलभुषण पांडेय ने कहा कि उप – कोषागार दुद्धी को तब तक खोलने नही जाएगा तब तक उप कोषागार दुद्धी का स्थानांतरण आदेश निरस्त ना हो।और यह लड़ाई सिर्फ अधिवक्ताओं की नही यह यहां निवास करने वाली प्रत्येक जनता की लड़ाई है।

पूर्व बार संघ अध्यक्ष राजन श्रीवास्तव ने कहा कि जब यहां के जनप्रतिनिधि यहां के लोगों का मौलिक सुविधाओं का घ्यान नही रख सकती तो ऐसे जनप्रतिनिधि होने का क्या मतलब उन्होंने जनप्रतिनिधियों क्रियाकलापों पर सवाल उठा दिया।इस प्रकार से कड़ी धूप में खुले आसमान के नीचे करीब 4 घंटे विभिन्न वक्ताओं का भाषण चलता रहा।करीब एक बजे मौके पर पहुँचे उपजिलाधिकारी सुशील यादव ने जब अधिवक्ताओं को यह अश्वासन दिया की आज उप कोषागार दुद्धी से फिलहाल कोई भी सामान नही जाएगा वहीं कल जिलाधिकारी यहां आकर आपकी मांगों को सुनेंगे।ऐसा सुनकर अधिवक्ताओं ने उपकोषागार दुद्धी को यथावत रखने व सीनियर ट्रेजरी अफसर की तबादले की मांग को लेकर जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सौंपा।तब जाकर अधिवक्ता धरने से हटे।वहीं व्यापारी वापस हुए और करीब 2 बजे के बाद से कुछ व्यापारियों ने अपने अपने प्रतिष्ठानों को खोला।

इस आंदोलन को इस्लाहुल मुस्लेमीन कमेटी दुद्धी का समर्थन प्राप्त हुआ।इस मौके सिविल बार अध्यक्ष रामलोचन तिवारी ,विश्वनाथ गुप्ता, जितेंद्र श्रीवास्तव, अरुणोदय जौहरी ,रामपाल जौहरी, मनोज मिश्रा, छोटेलाल गुप्ता, विष्णु कुमार सिंह, मोहित अग्रहरी, आनंद कुमार, डॉ लवकुश प्रजापति, कमल कुमार कानू, डॉ पी के विस्वास ,फतेह मुहहमद खान, सरफराज के साथ काफी संख्या में अधिवक्ता व नगर के विभिन्न संगठन के लोग व प्रबुद्धजन मौजूद रहें।



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