….. इन गांवों के लिए अभिशाप बन गया रेलवे का अंडर ग्राउंड मार्ग

रमेश यादव (संवाददाता)

– दुद्धी ब्लॉक के पकरी लैम्पस का 16 गांव में नही पहुच पा रही हैं ईट की गाड़ियां

– पकरी लैम्पस पर नही पहुँच पा रही हैं खाद की गाड़ियां

– अबपकरी लैम्पस पर कैसे होगी धान खरीदी, किसान चिंतित

दुद्धी । ब्लाक क्षेत्र के महुआरिया रेलवे स्टेशन के पास बने अंडर ग्राउंड मार्ग के कारण लगभग आधा दर्जन से अधिक गांव को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । क्योंकि महुअरिया रेलवे स्टेशन के पास अंडर ग्राउंड मार्ग बन जाने से किसानों के लिए लैंपस पर आने वाली खाद की गाड़ी पकरी लैंपस पर नहीं पहुंच पा रही है जिससे किसानों को यूरिया खाद लेने के लिए महुली सहित दुद्धि का चक्कर लगाना पड़ रहा है। महुली से खाद लेकर आने में किसानों के 40 से 50 तक अधिक खर्च हो जा रहे हैं । किसान मजबूरी में महुली जाकर खाद और बीज खरीद रहे हैं क्योंकि खाद और ईट की गाड़ियां रेलवे के अंडर ग्राउंड मार्ग से नहीं गुजर पा रहे हैं जिसके कारण बघमनदवा, जाता जुआ, बोम, पकरी, धोरपा, छतरपुर, गोइठा, हरपुरा, बैरखड़, चक बैरखड़, बरखोहरा सहित कई गांवों को महूएरिया में अंडर ग्राउंड मार्ग बन जाने के कारण ना तो गांव में खाद की गाड़ियां आ पा रही है और ना ही ईट की जिसके वजह से इन गांव के लोगों को प्रधानमंत्री आवास बनवाना तथा अपने खेतों में यूरिया खाद का प्रयोग करना काफी मुश्किल हो रहा है जिसके कारण इन गांव के लोगों को आवास बनवाने में काफी महंगा पड़ रहा है जो ईट लगभग ₹4000 प्रति हजार मिलती थी वही अब लगभग ₹5000 खर्च करके मंगाने पड़ता हैं क्योंकि ईट की गाड़ियों में लगभग 8 से 10000 ईट आ जाती थी लेकिन अब छोटी गाड़ियों में 4 से 6000 भी नहीं आ पा रही है जिसके कारण लोगों को महुली से जाकर ट्रैक्टर ट्राली से करीब 1500 ईट लाने में 1500 तक खर्च करने पड़ रहे हैं जिससे प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों का घर बनवाने का सपना काफी महंगा पड़ रहा है । वही इन गांवों के लोगों का कहना है कि रेलवे का अंडरग्राउंड मार्ग हम सब गांव के लोगों के लिए एक अभिशाप बन गया है और गांव का विकास ठप हो जा रहा है क्योंकि रेलवे अंडर ग्राउंड बनने के कारण गांव में खाद, ईट तथा गिट्टी वाली गाड़ियां नहीं आ पा रही है जिसके कारण गांव में मकान, पक्का कूप निर्माण इत्यादि कोई भी कार्य कराना काफी महंगा पड़ रहा है ।ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे का अंडर ग्राउंड मार्ग बहुत कम ऊंचाई पर बनाया गया है जिसके कारण ईट और खाद तथा भुंसे वाली गाड़ियां नहीं गुजर पा रही हैं रेलवे को चाहिए था कि उसकी ऊंचाई अधिक हो जिससे लोगों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े लेकिन रेलवे विभाग ने अपनी बचत के लिए किसानों को मुश्किल में डाल दिया है जिससे करीब दर्जन भर गांव का विकास पीछे चला जा रहा है क्योंकि इन गांव के लोगों को अब मजबूरी है कि यह लोग या तो विंढमगंज से खाद की गाड़ियां मंगवाए या महुली से ट्रैक्टर के माध्यम से खाद बीज और ईट को मंगवाया जाए जिसके कारण अब किसानों का व आवास बनवाने वालों का खर्च दोगुना हो गया है । आने वाले समय में गांव के लोगों को ईंट, खाद ,बीज आदि खरीदना काफी मुश्किल होगा क्योंकि इन गांव के लोग आप पूरी तरह से रेलवे द्वारा बने अंडर ग्राउंड मार्ग से कट चुके हैं । बरखोहरा गांव के ग्राम प्रधान परमेश्वर, बैरखड़ के ग्राम प्रधानअमर सिंह,हरपुरा के ग्राम प्रधान नारद मुनि यादव, गोइठा के ग्राम प्रधान गरीबा पाल,धोरपा के कुतुबुद्दीन, पकरी के मंजय यादव, बोम के नकछेदी यादव सहित अन्य ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने इस गम्भीर समस्या की ओर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है।



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