मॉब लिंचिंग पर RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर असदुद्दीन ओवैसी और दिग्विजय सिंह ने साधा निशाना

मॉब लिंचिंग पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने निशाना साधा है। हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा कि जिस विचारधारा ने गांधी और तबरेज की हत्या की, उससे ज्यादा भारत की बदनामी नहीं हो सकती। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि जिस दिन भागवत एकजुटता के संदेश का पालन करने लगेंगे उस दिन मॉब लिंचिंग और नफरत जैसी सारी समस्या समाप्त हो जाएगी।

ओवैसी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के इस बयान की आलोचना की कि मॉब लिंचिंग ‘पश्चिमी तरीका’ है और देश को बदनाम करने के लिए इसका भारत के संदर्भ में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ओवैसी ने कहा कि भीड़ हत्या के ‘पीड़ित भारतीय’ हैं और आरोप लगाया कि भागवत मॉब लिंचिंग रोकने के लिए नहीं कह रहे हैं। ओवैसी ने ट्वीट किया, ‘(मॉब लिंचिंग के) पीड़ित भारतीय हैं। (मॉब लिंचिंग के) दोषियों को किसने माला पहनाई थी, किसने उन्हें (तिरंगे में) लपेटा था। हमारे पास गोडसे प्रेमी बीजेपी सांसद हैं।’

‘मॉब लिंचिंग रोकने के लिए नहीं कह रहे भागवत’
ओवैसी ने आगे लिखा, ‘गांधी और तबरेज अंसारी की हत्या जिस विचारधारा ने की उसकी तुलना में भारत की बड़ी बदनामी और कोई कुछ नहीं हो सकती। भागवत भीड़ हत्या रोकने के लिए नहीं कह रहे हैं। वह कह रहे हैं कि इसे वो (लिंचिंग) मत कहो।’ ओवैसी ने अगले ट्वीट में लिखा, ‘हिंदू राष्ट्र का आधार हिंदू सर्वोच्चता। हिंदू राष्ट्र का मतलब गैर-हिंदुओं का दमन। अल्पसंख्यकों को तभी भारत में रहने की अनुमति दी जाएगी। संविधान के अनुसार हम इंडिया अर्थात् भारत हैं। हिंदू राष्ट्र असुरक्षा से उत्पन्न कोरी कल्पना भर है।’
दिग्विजय बोले…तो मॉब लिंचिंग बंद हो जाएगी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मोहन भागवत के एकजुटता पर दिए बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस दिन वह इस संदेश का पालन करने लगेंगे। उस दिन देश की भीड़ हत्या और नफरत जैसी सारी समस्या समाप्त हो जाएगी। दिग्विजय ने कहा, ‘जिस दिन मोहन भागवत जी एकजुटता का संदेश देकर उसका पालन करने लगेंगे, प्रेम और सद्भाव व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का रास्ता अपना लेंगे उस दिन सारी समस्या समाप्त हो जाएगी, भीड़ हत्या खत्म हो जाएगी और नफरत भी समाप्त हो जाएगा, शिकायतें भी नहीं रहेंगी।’

मॉब लिंचिंग से संघ का लेना-देना नहीं: भागवत
बता दें है कि नागपुर में आरएसएस की विजयादशमी रैली को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा था कि भारतीय परिप्रेक्ष्य में लिंचिंग शब्द का इस्तेमाल करना गलत है। यह शब्द भारत को बदनाम करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि ‘लिंचिंग’ शब्द की उत्पत्ति भारतीय लोकाचार से नहीं हुई। इस तरह की घटनाओं से संघ का कोई लेना-देना नहीं है और इन्हें रोकना हर किसी की जिम्मेदारी है। कानून-व्यवस्था की सीमा का उल्लंघन कर हिंसा की प्रवृत्ति समाज में परस्पर संबंधों को नष्ट कर अपना प्रताप दिखाती है। यह प्रवृत्ति हमारे देश की परंपरा नहीं है, न ही हमारे संविधान में यह है। कितना भी मतभेद हो, कानून और संविधान की मर्यादा में रहें।


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