Wednesday, October 23, 2019 - 02:36 PM
धर्म-कर्म

शारदीय नवरात्र में नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की होती हैं उपासना

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शारदीय नवरात्र में नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है। मां सिद्धिदात्री, मां दुर्गा का पूर्ण स्वरूप हैं। मां की अनुकंपा से ही भगवान शिवशंकर का आधा शरीर देवी का हुआ। इसी कारण भगवान शिव अर्द्धनारीश्वर कहलाए। ब्रह्मांड को रचने के लिए भगवान शिवशंकर को शक्ति प्रदान करने के कारण मां भगवती का नाम सिद्धिदात्री पड़ा। मां दुर्गा के अंतिम स्वरूप की आराधना के साथ नवरात्र के अनुष्ठान का समापन हो जाता है। इस दिन को रामनवमी के रूप में भी मनाया जाता है।

नवमी के दिन मां सरस्वती की उपासना से विद्या और बुद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन मां की उपासना से संपूर्ण नवरात्र की पूजा का फल प्राप्त होता है। नवमी के दिन मां को नौ कमल या लाल रंग के पुष्प अर्पित करें। मां को नौ तरह के खाद्य पदार्थ अर्पित करें। नवमी पर ब्राह्मणों को दान करें। इससे भय से मुक्ति मिलती है और दुर्घटनाओं से बचाव होता है। नवमी के दिन मां का पूजन कर उन्हें विदाई दी जाती है। इस दिन नौ कन्याओं को घर बुलाकर उनका पूजन करें, भोजन कराएं और उन्हें उपहार अवश्य दें। मां के आशीष से सुख, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है। मां की आराधना से संसार की सभी वस्तुओं को सहजता से प्राप्त किया जा सकता है।

नोट:
इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

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